मेरठ के बड़कली गांव की साक्षर राजेश देवी के साथ शादी हुई। दंपती ने अपनी जिंदगी के ख्वाबों को हमेशा बच्चों की आंखों से देखा। खचेडू सिंह का दिया शिक्षा का मंत्र बेटे राजेंद्र को याद रहा और इसे उन्होंने अगली पीढ़ी में पहुंचाकर कामयाबी हासिल की।
यही वजह है कि बड़ा बेटा मोहित हमीरपुर एनआईटी से कंप्यूटर में एमटेक कर रहा है। दूसरा बेटा रोहित खड़कपुर से बीटेक कर रहा है। तीसरा बेटा अतुल अब आईआईटी धनबाद से पढ़ेगा। चौथा बेटा अमित खतौली में पढ़ाई कर रहा है।
छात्र अतुल कुमार मां के साथ
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शिक्षा का संकल्प और फिर सब कुछ त्याग दिया
राजेंद्र बताते हैं कि वह मेरठ के जैन नगर की कपड़ा फैक्टरी में मजदूरी करने जाते हैं। साथ ही घर पर सिलाई भी करते हैं। हमने हमेशा खुद हर चीज में संतोष कर बच्चों को पढ़ाने पर ध्यान दिया। वहीं राजेश देवी ने भी बच्चों को शिक्षित करने पर जोर दिया। साथ ही प्रेरित किया कि शिक्षा के दम पर ही पहचान बनाई जा सकती है।
आरक्षण कंफर्म, पूर्वा एक्सप्रेस से जाएंगे धनबाद
मजदूर राजेंद्र कुमार ने अपने बेटे छात्र अतुल कुमार के साथ खतौली रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर धनबाद के लिए ट्रेन का आरक्षण करा लिया है। पिता-पुत्र के अलावा छात्र के मामा ललित कुमार भी धनबाद जाएंगे। शुक्रवार को परिवार के तीनों सदस्य पूर्वा एक्सप्रेस में दिल्ली से सवार होंगे। टिकट कंफर्म हो गया है।
इस तरह बिगड़ी और फिर बन गई बात
प्रवेश परीक्षा में छात्र अतुल कुमार की रैंक1455वीं थी। आईआईटी धनबाद में प्रवेश लेना था। 24 जून की शाम पांच बजे तक काउंसिलिंग शुल्क के 17500 रुपये का किसी तरह इंतजाम हुआ, लेकिन तब तक वेबसाइट लॉगआउट हो गई। करीब तीन मिनट से पिछड़ गया था, जिस कारण प्रवेश नहीं मिल रहा था। इसके बाद एससी-एसटी आयोग, हाईकोर्ट झारखंड और मद्रास पहुंचे। मद्रास के बाद प्रकरण सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां पर सोमवार को हमारे हक में ही फैसला आया।
घर पर पहुंचे सपा नेताओं ने दी बधाई
छात्र के घर गुरुवार को सपा नेता संतोष जाटव के साथ कार्यकर्ता पहुंचे। परिवार को शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही हर संभव मदद का भरोसा दिया गया। ग्रामीणों ने खुशी जताई।