जनपद में चल रहे अवैध ईंट भट्ठों पर एनजीटी सख्त हो गया है। भट्ठों पर मानकों को पूरा किए बिना कार्य किया जा रहा है। चिमनियों पर फैन नहीं लगा है, जबकि पथाई में जिग-जैग मानक खरे नहीं है। इसको लेकर एनजीटी ने इनकी जांच के निर्देश दिए हैं। इस पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भट्ठों की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर कई राज्यों में अवैध रूप से ईंट भट्ठे चलना बताया है। निर्देश में एनजीटी ने जनपद में भी 333 में 329 ईंट भट्ठों का अवैध संचालन बताते हुए कार्रवाई के लिए कहा है। एनजीटी के निर्देश पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में हड़कंप में मच गया है।
इतनी बड़ी संख्या में ईंट भट्ठे अवैध रूप से धुआं उगल रहे हैं। इन भट्ठों पर मानकों की अनदेखी कर कार्य किया जा रहा है। भट्ठों की चिमनियों में इंड्यूज्ड ड्राग्ट नहीं है, ताकि धुएं में निलकने वाले जहरीले कणों को नष्ट किया जा सके। इसके अलावा पथाई में भी जिग-जैग के नियमों को नहीं अपनाया जा रहा है।
इस पर सख्ती करते हुए एनजीटी ने जवाब मांगा है। आरएसओ विवेक राय ने बताया कि ईंट भट्ठों पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों की टीम भेजकर जांच की गई है, जिन पर मानक पूरे नहीं थे। उन्हें कड़े निर्देश दिए गए हैं।
48 ईंट भट्ठों की रिपोर्ट भेजी
जनपदभर में करीब 350 से अधिक ईंट भट्ठे संचालित है। जिन पर मानकों की जांच की रही है। भट्ठों पर अधिकारियों ने जांच की है, जिन पर पथाई के साथ चिमनियों को बदला जा रहा है। करीब 48 भट्ठों के मानकों को पूरा करने की रिपोर्ट बनाकर एनजीटी को भेजी गई है, जबकि बाकी भट्ठों पर कार्रवाई चालू है।