मोनू की हत्या में पकड़े गए तीनों आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
Encounter in Muzaffarnagar: पुरकाजी के गांव दादूपुर में हिस्ट्रीशीटर मोनू की हत्या वर्चस्व व पुरानी रंजिश में की गई। यह खुलासा तीन हत्यारोपियों के मुठभेड़ में घायल हालत में पकड़े जाने के बाद हुआ। हत्यारोपी चाचा करतार ने कहा कि मोनू सनकी था। हर बार पर शक करता था और रंजिश रखता था। यदि वह उसे नहीं मारता तो मोनू उसे मार देता। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त हथियार व बाइक बरामद की।
माेनू की फाइल फोटो।
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एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन सभागार में बताया कि पुरकाजी के गांव दादूपुर के रहने वाले मोनू गुर्जर की हत्या करने वाले उसके खानदानी चाचा करतार सिंह व दो साथी सगे भाई सोनू उर्फ बलजिंदर सिंह और काका उर्फ सुखजिंदर सिंह को देर रात खेड़की से हुसैनपुर मारकपुर जाने वाले मार्ग से मुठभेड़ में पकड़ा गया। गोली लगने से तीनों घायल भी हो गए। उनसे हत्या में प्रयुक्त तमंचे व कारतूस बरामद हुए। एसएसपी ने कुछ ही घंटों में हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुरकाजी पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की।
एसएसपी ने बताया कि दोनों पक्ष एक ही खानदान के हैं। हत्यारोपी करतार, मोनू का खानदानी चाचा है। तीनों आरोपियों का चालान कर दिया गया। घटना के समय मोनू के साथ कौन था, इस बारे में पता लगाया जा रहा है। आरोपियों के कब्जे से राइफल, तमंचा, मस्कट व पल्सर बाइक बरामद हुई।
यह था विवाद
आरोपी करतार ने पुलिस को बताया है कि दोनों पक्षों में रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। समझौते के दौरान मोनू ने उसकी बेइज्जती की थी। मोनू हिस्ट्रीशीटर था और इधर-उधर रहता था। घर आने पर पुलिस उससे पूछताछ करने जाती थी तो वह उसकी मुखबिरी करने का भी शक करता था। उसके घर के बराबर में रहने वाले वतन के घर चोरी हुई थी। मोनू उस पर चोरी कराने का शक जताता था। कई बार उनमें कहासुनी भी हुई थी। हालांकि दोनों पक्षों ने कभी पुलिस से शिकायत नहीं की।
आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज
पुलिस का कहना है कि मृतक व गिरफ्तार आरोपी करतार अपराधी प्रवृत्ति के हैं। आरोपी के खिलाफ भी हत्या आदि के मुकदमे दर्ज हैं। दोनों में वर्चस्व को लेकर भी विवाद था। इसी के चलते योजना बनाकर हत्या की थी। करतार ने तो पुलिस से यह तक कहा कि यदि वह उसे न मारता तो वह उसे मार देता। गांव में दोनों ही पक्षों के बीच में कोई नही बोलता। दोनों पक्षों में आए दिन छींटाकशी होती रहती थी। यह भी हत्या का एक बड़ा कारण है।
दोनों भाइयों ने निभाई दोस्ती
गिरफ्तार दोनों भाइयों सोनू उर्फ बलजिंदर सिंह और काका उर्फ सुखजिंदर सिंह का कहना था कि उनकी करतार के साथ दोस्ती है। दोस्ती निभाने के लिए वह दोनों उसके साथ हत्या की घटना में शामिल हो गए।
यह था मामला
बृहस्पतिवार शाम दादूपुर में हिस्ट्रीशीटर मोनू बाइक पर साथी के साथ घर जा रहा था। रास्ते में उसकी गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस को मौके से तीन खोखा कारतूस मिले थे। मृतक के भाई अंकित ने नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
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