संवाद न्यूज एजेंसी
बुढ़ाना। करबला रोड पर भीड़ से घिरा मजदूर मोनू अपनी बेगुनाही की दलील देता रहा। यातनाएं दे रहे आरोपियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। किसी तरह छूटकर चोट से कराहते हुए घर पहुंचा। प्राइवेट डॉक्टर से उपचार कराया, लेकिन उसकी मौत हो गई। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण तनाव बन गया।
भीड़ से घिरे मोनू के दो वीडियो वायरल हुए हैं। भीड़ से पूछा जा रहा है कि वह यहां क्या कर रहा था। मजदूर की तरफ से जवाब दिया गया कि किराये पर रह रही बहन के घर जा रहा था। मगर उसकी बात को अनसुना किया गया। फिर पूछा गया कि वह यहां क्या कर रहा था, घर में किस तरह घुस गया। पीड़ित ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। गंभीर चोट लग जाने के कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गई।
इनसेट
पहले घर में पीटा, फिर जातिसूचक शब्द कहे
मृतक की पत्नी करिश्मा ने पुलिस को बताया कि पहले उसके पति को घर में पीटा गया। इसके बाद चबूतरे पर लेकर आए और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया। आरोपियों ने यातनाएं दीं और मारपीट कर हत्या कर दी।
केस-एक
- खतौली के गांव अंती में 31 जुलाई को किसान संजय को मजदूरों ने ईंख के खेत में बदमाशों के होने की सूचना दी थी। किसान व उसका बेटा प्रिंस खेत में बदमाशों को तलाश रहे थे। इस दौरान प्रिंस से गोली चलने पर किसान घायल हो गया था। बाद में घायल की मौत हो गई। पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार किया था।
केस- दो
छपार के गांव रामपुर में बदमाशों के शोर के बीच पहरा देने के दौरान पूर्व प्रधान प्रशांत के पुत्र अंश की अपने ही तमंचे से चली गोली लगने से मौत हो गई। इसके अलावा जिले में चोर के शोर के बीच मारपीट की घटनाएं हुई हैं।