शिवरात्रि पर बारिश के बाद शिव चौक पर हुआ जलभराव।
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शिवरात्रि पर जहां मंदिरों में सुबह से ही जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, वहीं इंद्रदेव भी खूब प्रसन्न रहे। प्रात: काल से शुरू हुई बारिश दोपहर बाद तक होती रही। शिवचौक सहित अधिकतम मार्गों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा। सड़कों पर पानी भरने के कारण वाहन भी नहीं निकल पाए। यातायात और व्यापार भी प्रभावित रहा।
सोमवार को 14 मिली मीटर वर्षा हुई। बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। दोपहर दो बजे तक मानो जीवन थम गया, जो जहां था वह वहीं फंसा रहा। लगातार बारिश से बाजार सूने पड़े रहे। अधिकतम दुकानें तो खुली ही नहीं थीं। शिवरात्रि के कारण दुकानदार पूजा में लगे थे तभी बारिश शुरू हो गई। दोपहर दो बजे तक बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
ट्रेन और बस यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। तेज वर्षा में लोग जरूरी कामों के बाद भी अपने घरों से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। भारी वर्षा का असर यहां शहर की सड़कों पर भी देखने को मिला। शिवचौक पर इतना पानी भर गया कि लोगों को जलाभिषेक में ही परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के अधिकतम मोहल्लों कालोनियों की यही हालत रही। किदवईनगर, जनकपुरी, रामपुरी, नईमंडी आदि जगह पानी भरने से घंटों आवागमन अवरुद्ध रहा। सावन के महीने में महाशिवरात्रि के दिन हुई।