फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करबला में मंजरकशी देखने उमड़ी भीड़

Fri, 14 Oct 2016 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
करबला में मंजरकशी देखते लोग। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
चरथावल के करबला में मोहर्रम की 11वीं तारीख पर इमाम हुसैन और शहीदों की शहादत का मातमी मंजर प्रदर्शनी के जरिये पेश किया गया।  जायरीन वफादार जुलजुनाह द्वारा इमाम हुसैन के शव से तीर निकालने की का दर्दनाक मंजर देख रो पड़े।       
विज्ञापन


सिकंदरपुर गांव की अंजुमन सोगवार हुसैनी के तत्वावधान में करबला में इमाम हुसैन की शहादत का मार्मिक मंजर पेश किए जाने की परंपरा है। प्रदर्शनी में घोड़े द्वारा इमाम हुसैन के शव से तीर निकालने का हुबहू मंजर दिखाने की खासियत है। जिसे देखने के लिए भारी तादात में महिलाएं मौजूद थीं।

इमाम हुसैन और यजीद की फौजों के बीच जंग का हुबहू मंजर प्रस्तुत किया गया। इससे पूर्व इमाम बारगाह में मुरादाबाद से आए मौलाना फैजान रजा नकवी और मौलाना हसन मोहम्मद ने तकरीर करते कहा कि युद्ध के दौरान 72 साथी शहीद हो जाने पर इमाम हुसैन ने शहादत दी थी।
विज्ञापन


करबला में युद्ध के दौरान खेमे पड़े थे। इन सभी वाकयात की करबला में प्रदर्शनी लगाई गई। सोगवार दर्दनाक मंजर के सामने सिर झुका रहेे थे। मातम की मंजरकशी को देखने के लिए मुजफ्फरनगर सादात के 12 गांवों के अलावा कैराना, शामली, दिल्ली, थानाभवन, जलालाबाद से हजारों सोगवारों ने करबला में शिरकत की। कमेटी अध्यक्ष नौशाद, हैदर अली, पूर्व प्रधान हैदर रजा, हसन रजा़, सैय्यद अली, सलीम रजा, मोहम्मद रजा मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें