मेरठ निवासी विशेष समुदाय के युवक ने पहले धर्म बदलकर शहर की युवती को एक फर्जी कंपनी ज्वाइन कराई और फिर बहाने से मेरठ बुलाने के बाद उसे नशीला पेय पिलाकर दुष्कर्म किया। विरोध करने पर पीड़िता को हत्या की धमकी दी। आरोपी खुद को सपा नेता का बेटा बताते हुए महावीर चौक पर छोड़कर उसे फरार हो गया। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की युवती ने तहरीर देकर बताया कि उसकी एक युवती से पहचान थी। पीड़िता के अनुसार उसकी सहेली ने 11 दिसंबर को उसे अपने रिश्तेदार से मिलाते हुए एक निजी कंपनी ज्वाइन कराई थी। उक्त कंपनी लोगों को कॉल कर लोन संबंधी बातें करती थीं। पीड़िता के अनुसार 16 दिसंबर तक आरोपी उससे मोबाइल पर लगातार बातें करनी शुरू कर दी और 17 दिसंबर को उसे अच्छी सेलरी का लालच देते हुए मेरठ में आकर एक विज्ञापन शूट कराने के लिए कहा।
युवती ने मेरठ जाने से इंकार किया तो आरोपी ने उसे बरगलाना शुरू कर दिया। आखिरकार 20 दिसंबर को युवती उसके झांसे में आकर मेरठ चली गई, जहां बस स्टैंड से उक्त आरोपी ने उसे बिना नंबर की बाइक पर एक कमरे में ले गया। वहां उसे युवक के दूसरे समुदाय से होने का पता चला, जिसका विरोध करने पर आरोपी ने युवती को धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि इसके बाद युवक ने पीड़िता को कोई नशीला पेय धोखे से पिला दिया, जिसे पीने के बाद वह अर्द्धबेहोशी की हालत में आ गई।
इसके बाद आरोपी ने जबरन युवती के साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान उसने मोबाइल से पीड़िता के फोटो खींचने के साथ ही अश्लील क्लिप बनाने का भी प्रयास किया। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने खुद को मेरठ के एक बड़े सपा नेता का बेटा बताते हुए उसे हत्या की धमकी दी। दुष्कर्म की शिकार पीड़िता की हालत बिगड़ गई, जिस पर आरोपी उसे रोडवेज बस में बैठाकर साथ लेकर महावीर चौक पहुंचा, जहां किसी से बताने पर उसे परिवार समेत हत्या की धमकी देकर रिकशा में बैठाकर फरार हो गया। पीड़िता किसी तरह घर पहुंची, जहां कई दिन तक उसका उपचार चलता रहा। अब ठीक होने पर पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने सरधना निवासी आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने इस घटना की जांच प्रारंभ कर दी है।
मनोरोगी महिला ने थाने में मचाया जमकर उत्पात
सोमवार देर रात मनोरोगी महिला ने शहर कोतवाली में जमकर उत्पात मचाया। बीमार बच्चे के साथ घूम रही उक्त महिला को डायल-100 ने थाने पहुंचाया था, जहां महिला अचानक काबू से बाहर हो गई और महिला पुलिसकर्मियों से हाथापाई करते हुए न केवल उनके कपड़े फाड़ डाले, बल्कि आवासीय कमरों में घुसकर सामान भी फेंक डाला। महिला को बमुश्किल काबू में करते हुए उसे बाल विकास विभाग की कार्यकर्ताओं के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि उसके बीमार बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शहर क्षेत्र में सोमवार देर रात एक महिला गोद में बीमार बच्चे को लेकर सड़कों पर घूम रही थी। उसकी मानसिक हालत सही न देख राहगीरों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिस पर डायल-100 की पीआरवी 2193 ने महिला को ले जाकर शहर कोतवाली में महिला पुलिसकर्मियों के हवाले कर दिया। देर रात अचानक उक्त महिला बेकाबू हो गई और आवासीय परिसर में मौजूद महिला पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करने लगी। महिला को समझाने का प्रयास किया तो उसने खींचतान करते हुए कई महिला पुलिसकर्मियों के कपड़े तक फाड़ डाले।
इसके बाद महिला आवासीय परिसर के कमरों में घुस गई और वहां रखे सामान को उठा-उठाकर इधर से उधर फेंकने लगी। किसी तरह महिला को काबू किया गया, जिसके बाद रात में ही बाल विकास विभाग की कार्यकर्ताओं अंजना चौहान, सुविधा साहू व स्टाफ नर्स प्रमिला को थाने बुलाया गया। इसके बाद महिला को उनके हवाले कर दिया गया। वहीं, महिला का बच्चा भी काफी बीमार था, जिसे रात में ही ले जाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसएसआई समयपाल अत्री ने बताया कि, महिला मनोरोगी थी, जो अपना नाम शैल मिश्रा पुत्री रमाकांत ही बता पा रही है। महिला पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करने के चलते उसे बाल विकास विभाग को सौंप दिया गया है।