जिले में दस दिन से लगातार कड़ाके की ठंड पड़ने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। न्यूनतम तापमान यहां पांच डिग्री सेल्सियस से कम ही चल रहा है। तीन दिन से यह जमाव बिंदु के नजदीक ही चल रहा है। ठंड का असर यह है कि शाम ढलते ही बाजार खाली हो रहे हैं। सुबह को भी दस बजे से पहले सड़के सुनसान रहती है।
दस दिन से न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस के निकट और उससे कम ही चल रहा है। बीते तीन दिन से न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के पास ही पहुंच रहा है। पहली बार दिसंबर की शुरुआत में यह स्थिति बनी है। जो लोग ठंड को लापरवाही के हिसाब से ले रहे थे वह बुखार की चपेट में आ गए हैं। श्वांस और हृदय रोगियों के लिए ठंड अधिक खतरनाक बनी है। हार्ट अटैक की घटनाएं प्रतिदिन बढ़ रही हैं। ठंड की भयावह स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर पालिका ने कोई खास तैयारी नहीं की है।
जिला प्रशासन की ओर से बंटने वाले कंबल अभी तक नहीं बंट पाए हैं। नगर पालिका ने अलाव की व्यवस्था नहीं की है। रात में सड़क पर रहने वाले गरीब लोगों के सामने अधिक खराब स्थिति है। हालांकि सरकार ने यह शेल्टर होम की स्थापना की हुई है। रेलवे स्टेशन के बाहर बने इस शेल्टर होम में ऐसे लोगों के लिए व्यवस्था की गई है।
ठंड का आलम यह है कि शाम ढलते ही लोग अपने घरों में कैद हो जाते हैं। बाजार भी सुबह-शाम में खाली से हो गए हैं। रात आठ बजे के बाद तो बाजार में सुनसान की स्थिति बन गई है। डीएम राजीव शर्मा ने बताया कि कंबल का वितरण शीघ्र ही कराया जाएगा। सभी तहसीलदारों को अलाव की व्यवस्था के बारे में भी निर्देशित किया जा रहा है।
तिथि दिन न्यूनतम तापमान
एक दिसंबर शनिवार 5.9 डिग्री सेल्सियस
दो दिसंबर रविवार 5.7 डिग्री सेल्सियस
तीन दिसंबर सोमवार 5.3 डिग्री सेल्सियस
चार दिसंबर मंगलवार 4.7 डिग्री सेल्सियस
पांच दिसंबर बुधवार 5.8 डिग्री सेल्सियस
छह दिसंबर बृहस्पतिवार 4.4 डिग्री सेल्सियस
सात दिसंबर शुक्रवार 4.6 डिग्री सेल्सियस
आठ दिसंबर शनिवार 3.2 डिग्री सेल्सियस
नौ दिसंबर रविवार 2.5 डिग्री सेल्सियस
दस दिसंबर सोमवार 3.0 डिग्री सेल्सियस