शुगर मिल तितावी पर किसानों के बकाया गन्ना भुगतान को लेकर भाकियू की पंचायत एसएलएस पब्लिक स्कूल धौलरा में हुई। तितावी क्षेत्र के आसपास के गांवों के गन्ना किसानों ने भाग लिया। पंचायत में भाकियू मंडलाध्यक्ष धीरज लाटियान ने कहा कि केंद्र और यूपी की सरकार किसान विरोधी साबित हो चुकी है।
इस समय किसान की दुर्दशा सबसे खराब हो चुकी है। जनपद का कोई मिल नहीं है, जिस पर किसानों का इतना रुपया बकाया हो। धीरज ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि किसानों का 20 अगस्त तक भुगतान नहीं होता है तो भाकियू और यहां का किसान तितावी शुगर मिल की बिजली, पानी और मिल गेट को पूर्ण रूप से बंद कर देंगे। जिसके बाद पानीपत खटीमा राजमार्ग पर भी टेंट लगाकर धरना दिया जाएगा।
प्रशासन की कोई भी बात तभी सुनी जाएगी जब किसानों का भुगतान अधिकारी लेकर आएंगे। इसके अलावा किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि आगामी 2016-17 सत्र में किसान तितावी मिल को गन्ना नहीं देंगे। भाकियू अन्य मिलों के तौल केंद्र लगवाकर किसानों का गन्ना दूसरी मिल को देंगे, अगर इसमें भी प्रशासन कोई अड़चन डालेगा तो उससे भी निबटा जाएगा। पंचायत में मुख्य रूप से रणवीर, ओमपाल, सुभाष, राकेश, भगत सिंह, विकास सैनी, विनोद, मुकेश आदि किसान मौजूद रहे।
ऊन चीनी मिल के गेट पर कुर्की का नोटिस चस्पा
गन्ना भुगतान के मामले में ऊन की सुपीरियर फूड ग्रेन्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दर्ज मुकदमे में पुलिस ने न्यायालय की अनुमति पर कुर्की का नोटिस चस्पा कराया है। पुलिस की कार्यवाही से मिल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है।
मिल द्वारा किसानों का समय पर गन्ना भुगतान न करने पर डीएम के आदेश पर ऊन गन्ना समिति के सचिव अशोक कुमार गुप्ता ने गत 14 अप्रैल को मिल के अध्यासी राणा वीर प्रताप, प्रबंधक निदेशक राणा इन्द्र प्रताप तथा यूनिट हेड जीएस खेरा के खिलाफ 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मिल प्रबंधन द्वारा अभी तक किसानों का भुगतान नहीं किया गया है। न ही पुलिस तीनों आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई कर पायी है। पुलिस ने न्यायालय से अनुमति मिलने पर कुर्की की उद्घोषणा का नोटिस मिल गेट पर चस्पा कर दिया है। इस संबंध में चौकी प्रभारी ने बताया कि अगर मिल प्रबंधन ने जल्द भुगतान नहीं किया तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।