मोरना के गांव तिस्सा में आयोजित मजलिस में लखनऊ से आए मौलाना सैय्यद आगारुई ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को अगर सुधारना है, तो सबसे पहले शिक्षित बनना होगा। समाज और देश की तरक्की का रास्ता शिक्षा से होकर गुजरता है। आतंकवादी किसी का सगा नहीं होता है। इस्लाम कभी भी किसी को मारकर आतंकवादी बनने की शिक्षा नहीं देता है।
गांव तिस्सा में स्थित बुध वाले इमामबाड़ा में अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के होनहार छात्र सैय्यद अकमल की याद में मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें दूरदराज से आए अकीदतमदों से मुखातिब होते हुए मौलाना आगारुई ने कहा कि वतन की हिफाजत करना और उसके लिए शहादत देना बड़ा नेक काम है, जिसको फर्क कर कई पीढ़ियों तक याद किया जाता है।
लड़की और लड़कों में भेदभाव नहीं करना चाहिए, क्योंकि वे भी समाज में बराबर के हकदार हैं। हमारा तकनीकी शिक्षा पर ज्यादा जोर होना चाहिए, जिसके द्वारा हमारे परिवार को रोजगार मिलने लगता है। इंसान को अच्छे कर्म करने चाहिए। मुसीबत में पड़ोसी की सहायता करने से लाभ मिलता है। इस मौके पर कानपुर से आए मशहूर शायर सबरोज कानपुरी ने शानदार मिसले पेश किए।
मजलिस के आयोजन में जावेद अब्बास, मुन्नू हकीम, यावर अली, जव्वाद, अनीस, मुसीरजा, अनवर अली, टोपा जैदी, झंडवा सैय्यद आदि ने मुख्य भूमिका निभाई। वहीं, मोरना क्षेत्र के हसीन जैदी एडवोकेट, मुमताज चेयरमैन, प्रधान शाह रजा, जावेद प्रधान, पेशखान, मोहम्मद अली आदि गणमान्य लोगों समेत गांव ककरौली, जोली, बेहड़ा सादात, गादला, युसुफपुर, मोरना, संभलहेड़ा, मवाना, मेरठ, बिजनोर, नोएडा, शामली, सहारनपुर आदि से आए अकीदतमंदों ने भाग लिया।