फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाजार और मंडी रोजाना की तरह खुले

विज्ञापन
धरना प्रदर्शन के दौरान जाम में फसे वाहन। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
विज्ञापन
बाजार और मंडी रोजाना की तरह खुले
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। भारत बंद का शहरी क्षेत्र और कस्बों में कोई खास असर नहीं पड़ा। शहर में जीवन सामान्य रहा। बाजार प्रतिदिन की तरह खुले। बड़ी बात यह रही कि एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी खुली भी और यहां बड़ी संख्या में किसान अपना गुड़ बेचने के लिए पहुंचे। स्कूल-कॉलेजों में रोजाना की तरह गतिविधियां चलती दिखाई दी।
किसानों के भारत बंद को व्यापारियों का किसी भी स्तर से समर्थन नहीं मिला। शहर में केवल ट्रांसपोर्टर ने तो बंद का समर्थन किया, बाकी सबकुछ सामान्य रहा। मंगलवार को साप्ताहिक बाजार बंदी होने के कारण शहर का बाजार बंद रहा। लेकिन नई मंडी, द्वारिकापुरी और गांधी कॉलोनी के बाजार प्रतिदिन की तरह खुले रहे। शहर के स्कूल कॉलेज नियमित रूप से खुले नजर आए। कॉलेजों में रोजमर्रा की तरह कार्य हुए। जनपद में शिक्षक संस्थाएं कहीं भी बंद नहीं रही। सभी जगह पढ़ाई हुई। बड़ी बात यह रही कि गुड़ मंडी यहां रोजाना की तरह खुली। मंडी में गुड़ की आवक चार हजार मन रही। किसान सुबह ही अपना गुड़ लेकर मंडी पहुंच गए। शहर के अलावा जनपद के खतौली, बुढ़ाना, शाहपुर, तितावी, मोरना, भोपा, जानसठ, मीरापुर, पुरकाजी, छपार, बसेड़ा, मंसूरपुर, रोहाना आदि कस्बों में भी बंद का असर दिखाई नहीं दिया और बाजार खुले रहे।
विज्ञापन

बाजारों में कम रही आवाजाही
मुजफ्फरनगर। किसान संगठनों के बंद के आह्वान के कारण बाजारों में ग्रामीण क्षेत्र से कम संख्या में लोग आए। हाईवे समेत संपर्क मार्गों पर जाम लगाए जाने और वाहन नहीं चलने के कारण भी देहात से शहर में ग्रामीण कम आए। शहर में भी दोपहर तक बाजारों में रौनक नहीं थी। नागरिकों ने इस दौरान घरों में ही रहना बेहतर समझा। इसी कारण लोगों के कम आने के कारण बाजारों में भीड़ नहीं रही। अन्य दिनों की अपेक्षा आवाजाही कम ही रही। गांधी कालोनी के दुकानदार ओमपाल सिंह, गजेंद्र राणा ने बताया कि बाजारों में ग्राहक कम ही आए। शाम के समय जरुर बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की चहल पहल बढ़ी।
विज्ञापन

बाजारों में ग्राहक कम आए
पुरकाजी। कस्बे के बाजार खुले रहे, ग्राहकों की कम आवाजाही के कारण बाजारों में चहल पहल कम रही। व्यापारी वीरेंद्र सिंह, मणिकांत गोयल, अर्जुन गुप्ता, निर्दोष जैन, संदीप गोयल, अमित गर्ग, सुनील गुप्ता, दीपक कौशिक आदि ने बताया कि प्रतिदिन की अपेक्षा मात्र आधी भी बिक्री नहीं हुई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें