मथुरा में दो सराफ भाइयों की हत्या के बाद व्यापारियों का गुस्सा चरम पर है। सराफा व्यापारियों ने अगले 48 घंटों में घटना का खुलासा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही शुक्रवार को दिनभर सराफा बाजार बंद रखने का निर्णय लिया गया है। उधर, पुुलिस अधिकारी देर रात तक व्यापारियों से बंद नहीं करने के लिए मान-मनौव्वल में जुटे हैं।
मथुरा डकैती को लेकर सूबे में सरकार की कानून व्यवस्था को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जिले में सोने-चांदी का कारोबार करने वाले व्यापारी घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। घटना को लेकर तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई कामयाबी नहीं मिलने से व्यापारियों में काफी नाराजगी है। वारदात को लेकर बृहस्पतिवार को सराफा व्यापारियों ने उत्तर प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के बैनर तले भगत सिंह रोड के पास सर्राफा बाजार के कटहरा मोचियार में बैठक का आयोजन किया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में सोने का धंधा करने वाले व्यापारियों पर दिन-रात हमले हो रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार चुप्पी साधे है। व्यापारियों ने मथुरा की घटना को लेकर तीखा आक्रोश प्रकट किया। कहा कि अगले 48 घंटों के भीतर यदि घटना का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। इसी के चलते शुक्रवार को दिनभर शहर का सराफा बाजार बंद रखा जाएगा।
बैठक में वक्ताओं ने सभी व्यापारियों से बंद का समर्थन करने का आह्वान किया। उधर, रालोद नेता सुधीर भारतीय ने सराफा कारोबारियों के बंद में साथ देने की बात कही है। कहा कि रालोद कार्यकर्ता व्यापारियों का साथ देंगे। उधर, देर रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सराफा कारोबारियों के पास पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया।
सिटी मजिस्ट्रेट नईम अहमद, सीओ सिटी तेजवीर सिंह और शहर कोतवाल पीपी सिंह रात तक कारोबारियों की मान-मनौव्वल में जुटे रहे। व्यापारियों ने बंद के फैसले से पीछे हटने से साफ इंकार कर दिया है। बैठक में स्वराज वर्मा, मोहनलाल वर्मा, पवन वर्मा, विनोद वर्मा, कुलदीप मित्तल, पराग गोयल, प्रदीप बंसल, आदेश जैन, संजय वर्मा, लल्लीजी, जय नारायण वर्मा आदि मौजूद रहे।