नशे से पांच साल में कई परिवार हो चुके हैं तबाह
मुजफ्फरनगर। जनपद में नशे का कारोबार कमजोर वर्ग पर कहर बरपाता रहा है। अब तक नशे की लत में कई परिवार तबाह भी हो चुके हैं। मीरापुर व पुरकाजी क्षेत्र में तो अवैध शराब पीने से चार लोगों की मौत भी हो चुकी है। वहीं, नशे की लत से परेशान होकर कई लोग आत्महत्या तक कर चुके हैं।
पुरकाजी के खादर क्षेत्र के कई परिवार उत्तराखंड-सहारनपुर की सीमा पर स्थित एक भट्ठे पर काम करते थे। करीब पांच साल पूर्व वहीं पर उन्होंने अवैध रूप से तैयार की गई कच्ची शराब पी, जिसे पीने से छह लोगों की मौत हुई थी। इनमें से दो लोग पुरकाजी खादर क्षेत्र के रहने वाले थे, जिनके परिवार उनकी मौत के बाद पूरी तरह बिखरकर बर्बादी के कगार पर पहुंच चुके हैं। वहीं, मीरापुर में भी करीब तीन साल पूर्व तीन लोगों ने एक साथ अवैध शराब कहीं से खरीदकर पी ली। जिससे दे लोगों की मौत हो गई थी। ये दो परिवार भी मुखिया की मौत के बाद बर्बाद हो चुके हैं। वहीं, शहर के रामलीला टिल्ला पर एक बड़ा कारोबारी नशे की लत में कर्ज का शिकार हो गया, जिसने करीब दो साल पूर्व आत्महत्या कर ली थी।
शहर के सर्राफा बाजार निवासी एक युवक ने भी करीब ढाई साल पूर्व नशे की लत से परेशान होकर फांसी लगा ली थी। हाल ही में करीब एक सप्ताह पूर्व जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाला एनडीपीएस एक्ट का विचाराधीन बंदी भी नशे की लत से परेशान था, जिसने नशे का सामान उपलब्ध नहीं होने पर आखिरकार मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या कर ली।
वरिष्ठ समाजशास्त्री डॉ. कलमसिंह का कहना है कि नशे की लत युवाओं को जकड़ती जा रही है। जब एक बार कोई व्यक्ति नशे की लत से घिर जाता है तो नशा समय से न मिलने से वह मानसिक अवसाद में चला जाता है, जो उसके आत्महत्या की वजह बनता है। सामाजिक जागरूकता से ही लोगों को इससे बचाया जा सकता है।