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खुशीपुरा में कुपोषण के शिकार हैं कई बच्चे

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8-गांव खुशीपुरा में विद्यालय के बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक। - फोटो : KHATAULI
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खुशीपुरा में कुपोषण के शिकार हैं कई बच्चे
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। गांव खुशीपुरा में जिले की मनोरोगी विभाग एक्सपर्ट चिकित्सकों की टीम ने कुपोषण बीमारी से पीड़ित बच्चों की जांच की। चिकित्सकों ने पीड़ित बच्चों और परिजनों से बच्चों के व्यवहार, खानपान, रहन सहन आदि के बारे में जानकारी ली। टीम ने सोनाली नदी के पानी का नमूना भी लिया। गांव के विद्यालय में जाकर बच्चों से सवाल जवाब किए। वहीं, गांव में पीने वाले नलों के पानी की जांच को पानी एकत्र किया।
सीएमओ डा. पीएस मिश्रा के निर्देश पर गांव खुशीपुरा में पहुंची मनोरोगी विभाग की टीम ने बच्चों में कुपोषण की बात को माना। टीम में आए डा. पंकज कुमार, मनोज कुमार, कपिल कुमार आदि ने जांच और जानकारी कर माना की गांव में कई बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। चिकित्सकों की टीम ने बताया कि मानसिक रोग की कोई बीमारी नहीं होती है। कुपोषण के शिकार बच्चे शरीर के अंगों के साथ-साथ मानसिक विकास में पिछड़ जाता है। 95 प्रतिशत बीमारी के शिकार बच्चों के हाथ पैर छोटे, टेढ़े, आदि में यह सब लक्षण पाए जाते हैं, उन्हीं लोगों में बीमारी के कारण पाए जाते हैं। सगोत्रीय विवाह होना यह भी बीमारी का एक कारण है, गर्भ के दौरान बच्चे को माता के द्वारा पोषक तत्व, जिंक, आयरन, प्रोटीन और विटामिन न मिलना भी कुपोषण जैसी बीमारी को बढ़ावा देती है। इस मौके पर चिकित्सकों की टीम ने कुपोषण के शिकार बच्चे महरुफ, शाहरुख, फारुख, महरुम, जुबैर, आफिया, नूरजहां, हीरा, शब्बीर, रजिया आदि बच्चों की जांच करते हुए बच्चों के शरीर में खून की कमी और कुपोषण होने की बात कही। इस दौरान प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापक सन्नी तोमर से टीम ने बच्चों के बारे में पढ़ाई के बारे में जानकारी की।
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ग्रामीणों ने गुमराह करने का आरोप लगाया
गांव खुशीपुरा के ग्रामीण सबदर अली, मकसूद, सलीम, कामिल, शमशुदीन, मुमत्याज, अफजाल, अफसर अली, फजलू, शब्बू, शावेज, असगर, नजीम आदि ने मोरना स्वास्थ्य केंद्र की ओर से न्याय पंचायत सीकरी में एक चिकित्सक को ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए नियुक्त किया हुआ है। चिकित्सक गांव में फैली कुपोषण और मानसिक रोगियों को सही स्थिति न बताकर गुमराह करने पर लगे हुए हैं। जबकि चिकित्सकों की टीम ने गांव के बच्चों में कुपोषण को स्वीकारते हुए स्वास्थ्य विभाग को गांव में विशेष कैंप लगाकर आने वाली नस्लों में इस बीमारी की रोकथाम करने के प्रयास किए जाने की बात कही है।

-गांव खुशीपुरा में सोनाली नदी के पानी का सेंपल लेते चिकित्सक।- फोटो : KHATAULI

6-गांव खुशीपुरा में जिला स्तरीय मनोरोगी स्वास्थ्य विभाग की टीम कुपोषण के शिकार चलने पर युवक की जा?- फोटो : KHATAULI

5-गांव खुशीपुरा में जिला स्तरीय मनोरोगी स्वास्थ्य विभाग की टीम कुपोषण बच्चों की जांच पडताल करती।- फोटो : KHATAULI

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