संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। आचार्य विमर्श सागर जी मुनि महाराज ससंघ 34 पिच्छी का सकल जैन समाज के लोगों ने धूमधाम से नगर में मंगल प्रवेश कराया। नगर के मुख्य मार्गों से होकर पीसनोपाड़ा दिगंबर जैन मंदिर में प्रवेश किया।
धर्मसभा में आचार्य विमर्श सागर ने बताया कि इच्छाओं पर नियंत्रण करने वाला शांतिपूर्वक जीवन व्यतीत करता है। मनुष्य दर्शन ज्ञान एवं चरित्र के माध्यम से अपना जीवन सफल बना सकता है। मनुष्य का व्यवहार ही उसकी पहचान है। व्यवहार में वात्सल्य भाव धारण करना है। इंसान की पर्याय पाकर भव-भव के भ्रमण को मिटाना है। तीर्थों के संरक्षण के प्रति हमें समर्पित रहना होगा। समाज को संगठित, एकजुट करना है। साधर्मी जनों का सहयोग करें। धर्म हमेशा सुख देता है।
इससे पूर्व मंगल प्रवेश कार्यक्रम का संयोजन सुरेंद्र जैन, अतुल सराफ, रामकुमार, प्रवीन जैन, कुलदीप ने किया। भक्तों ने मंगल आरती, पद प्रक्षालन किया। धर्म संदेश के माध्यम से भक्तों ने भक्ति पूर्वक मुनि संघ की आहारचर्या कराई। संचालन अरुण जैन नंगली ने किया।
आयोजन में प्रमोद, अंकित, सतेंद्र, जय भगवान, पीयूष, दीपक, सुधीर मुखिया, सुशील सिल्लो, मुकेश जैन एडवोकेट मौजूद रहे।