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नक्सलियों से भाई का बदला लेगी आरजू, शहीद की बहन ने जताई फौज में जाने की इच्छा    

Thu, 27 Apr 2017 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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मनोज के शव पर विलाप करतीं मां और बहन। - फोटो : अमर उजाला
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सीआरपीएफ के जवान मनोज कुमार की शहादत से परिवार गम में डूबा हुआ है। हालांकि देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले मनोज के परिवार का देशसेवा का जज्बा कम नहीं हुआ है। शहीद की बहन आरजू ने सेना में भर्ती होकर नक्सलियों से भाई की शहादत का बदला लेने की इच्छा जताई है। 
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मनोज गांव का होनहार जवान था। उसमें देशसेवा का जज्बा कूट-कूटकर भरा था। सीआरपीएफ में भर्ती होने के लिए मनोज ने काफी पसीना बहाया था। उसने पिता की हत्या के बावजूद अपनी तैयारी जारी रखी और पुलिस सुरक्षा में परीक्षा दी। गांव के लोग बताते हैं कि मनोज जब भी छुट्टी पर गांव आता था, अपने साथियों से मिले बगैर नहीं जाता था।

इस बार भी मई में अपने दोस्त राजेंद्र की शादी में आने की जानकारी भी घरवालों को दी थी। मनोज आर्थिक तंगी से उबारने के लिए भी परिवार का सहारा बना हुआ था। मनोज के असमय जाने से मां राजेश देवी, भाई जोगेंद्र, रमेश, टिंकल, अंकित और बहन आरजू, पलक और पायल घटना से टूट चुके हैं। परिजनों का कहना है केंद्र सरकार को ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे फिर किसी परिवार को अपना लाल न खोना पड़े।
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भाई की याद में रो रही बहन आरजू ने पढ़ाई पूरी करने के बाद सेना मेें जाने की इच्छा जाहिर की है। आरजू ने सेना में भर्ती होकर नक्सलियों से भाई की शहादत का बदला लेने की बात कही है। आरजू ने बताया कि उसका भाई मनोज उसे टीचर बनाना चाहता था, लेकिन अब वह चाहती है कि वह सेना में नौकरी करे। आरजू ने यह भी कहा कि भाई  के सपनों को साकार करने के लिए वह गांव के बच्चों को निशुल्क ट्यूशन पढ़ाएगी।      
 
विधायक ने दी  सहायता राशि      
भोपा। शहीद मनोज के घर पहुंचे विधायक अवतार सिंह भड़ाना ने पीड़ित परिवार को सहायता राशि देते हुए परिवार की हरसंभव सहायता करने की बात कही। निरगाजनी के शहीद मनोज के अंतिम संस्कार में पहुंचे भाजपा विधायक अवतार सिंह भड़ाना ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। विधायक ने सहायता राशि के रूप में शहीद की मां को एक लाख रुपये दिए। शहीद मनोज के नाम पर मुख्यद्वार बनवाने और बड़े बेटे जोगेंद्र को शुुगर मिल में नौकरी दिलाने की बात कही।       

शहीद के कॉलेज में शोक की लहर        
भोपा। शहीद मनोज ने भोपा के जनता इंटर कॉलेज से कक्षा 12 की शिक्षा प्राप्त की थी। एनसीसी का अच्छा कैडेट और धावक बनकर उसने कालेज का नाम  रोशन किया था। कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रहलाद सिंह और एनसीसी अधिकारी अरविंद कुमार सहित पूरा स्टॉफ शहीद के अंतिम संस्कार में शामिल रहा। बृहस्पतिवार को कालेज में शहीद की याद में शोक सभा रखी गई है।       

 भारी कीमत चुकानी होगी नक्सलियों को      
भोपा। मनोज के अंतिम संस्कार में आए सीआरपीएफ रामपुर रेंज के डीआईजी प्रवीण कुमार ने कहा कि शहीदों की कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में ज्यादा घटना इसलिए हो रही हैं, क्योंकि वहां सड़कें आदि नहीं हैं। वहां सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि उनके गढ़ तक जाया जा सके।  नक्सली इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ अपने जवानों की शहादत का बदला नक्सलियों से लेगा।    

स्टेडियम बनवाएं
भोपा। शहीद मनोज अच्छा धावक और एनसीसी  कैडेट होने के साथ दोस्तों का भी काफी प्रिय था। उसके दोस्त राजेंद्र, सोनू, विपिन, रीनू और सचिन आदि ने मांग की है कि शहीद के नाम पर क्षेत्र में स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाया जाए, ताकि क्षेत्र के युवा प्रतिभा के दम पर आगे आ सकें।        

नहीं चलाया टैंपू
भोपा।  अलमासपुर निवासी आटो चालक मुकेश को जब सूचना मिली कि क्षेत्र के निरगाजनी निवासी मनोज शहीद हो गया। उसका अंतिम संस्कार होगा। मनोज कुमार के लिए मुकेश ने बुधवार को अपना काम बंद रखा और शहीद को श्रद्धांजलि देने गांव पहुंचा।       
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