मुजफ्फरनगर के खतौली में मंडी समिति के लिए अधिग्रहण की गई किसानों की भूमि का मुआवजा नहीं मिलने पर भाकियू ने किसानों के साथ मंडी समिति में धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने मंडी समिति सचिव को बंधक बनाकर धरने पर बैठाया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
मंडी समिति निर्माण के लिए 29 वर्ष पूर्व 1987 में करीब पचास किसानों की 160 बीघा भूमि का अधिग्रहण मंडी समिति निर्माण के लिए किया था। जिसका किसानों को अभी तक पूरा मुआवजा नहीं मिल पाया है। इसको लेकर सोमवार को भाकियू ब्लाक अध्यक्ष कपिल सोम के नेतृत्व में कार्यकर्ता और किसान
मंडी समिति कार्यालय पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
कार्यकर्ताओं ने मंडी समिति के कर्मचारियों को बाहर निकाल कर गेट बंद कर दिया। उन्होंने मंडी सचिव राजेंद्र मलिक को बंधक बनाकर अपने बीच धरने पर बैठा लिया। कहा कि करीब तीन दशक बाद भी उन्हें पूरा मुआवजा नहीं दिया गया है। जितना मुआवजा मिला किसानों ने उस पैसे को कोर्ट में मुकदमा लड़ने में खर्च कर दिया। चेतावनी दी कि यदि 20 दिन में ब्याज सहित मुआवजा नहीं मिलता है, तो भाकियू अधिग्रहण की गई भूमि पर किसानों को काबिज करा देगी।
उधर, मंडी सचिव राजेंद्र मलिक ने बताया कि मुआवजे के लिए डिमांड भेजी गई है। सरकार से रुपये आने पर किसानों को दिया जाएगा। इस दौरान तहसीलदार अमित कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। धरने पर इलम सिंह, जितेंद्र, बिट्टू तिगाई, राजवीर गुर्जर, बबलू, नरेश, इमल सिंह, अजेंद्र प्रधान, प्रवेंद्र ढाका, हरिकिशन, ब्रिजेश आदि शामिल थे।