बागपत के बड़ौत में सेना की भर्ती में भी माफियाओं ने सेंध लगाने की कोशिश की। अभ्यर्थियों की जगह एथलीटों को ट्रैक पर दौड़ाने की कोशिश की, लेकिन सेना की चौकसी के कारण सफल नहीं हुए। बड़ौत, सोनीपत और दिल्ली के माफिया यहां सक्रिय रह चुके हैं।
माफियाओं का गठजोड़ हरियाणा, राजस्थान और गाजियाबाद तक फैला हुआ है। यहां के शिक्षा माफिया अभ्यर्थियों को बहला-फुसलाकर लाखों रुपये ऐंठते रहे हैं। युवाओं को भर्तियों और परीक्षाओं में पास कराने के सपने दिखाते हैं।
बड़ौत मेें कोचिंग सेंटर चलाने वाले अरविंद राणा पर तीन चार दिन पूर्व ही अमीन की परीक्षा का पर्चा लीक कराने का शक भी है। राणा का नाम पहली बार प्रकाश में नहीं आया है। श्इससे पहले भी कई प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक करने के मामले में उसका नाम सामने आ चुका है, लेकिन पुलिस इसे पकड़ पाने मेें विफल रही है।
लेखपाल परीक्षा में सोनीपत के माफिया कुलदीप से मिलकर हरियाणा के खिज्जरपुर निवासी नीरज गौतम पुत्र राममेहर को बड़ौत क्षेत्र के बामनौली गांव निवासी सहदेव तोमर पुत्र रामधन तोमर से डेढ़ लाख रुपये वसूलकर उसके स्थान पर बैठा दिया था।
दिल्ली पुलिस और अन्य भर्तियों में भी सेंध लगा चुके हैं। भर्ती डायरेक्टर कर्नल रजनीश मेहता का कहना है कि जो अभ्यर्थी पकड़े गए हैं, अब वह कभी सेना की भर्ती में शामिल नहीं हो सकेंगे। उनका डाटा इंटरनेट पर डाला गया है।