संवाद न्यूज़ एजेंसी
मुजफ्फरनगर। पितृ विसर्जनी अमावस्या पर शनिवार को घरों में सांझी विराजेंगी। रविवार से नवरात्र शुरु होंगे। नवरात्र को लेकर शुक्रवार को बाजार सजे रहे। महिलाओं ने बाजार में पहुंचकर जमकर खरीदारी की।
रविवार से शारदीय नवरात्र शुरु होंगे। जिसको लेकर शुक्रवार को बाजार में आकर्षक रंगों से सजी सांझी, माता की चुनरी व पूजा अर्चना के सामान की खरीदारी के लिए बाजारों में पूरी चहल पहल रही। शहर के शिव चौक, भगत सिंह रोड, हनुमान चौक, बुढ़ाना रोड और नई मंडी सहित अन्य जगहों पर चुनरी की दुकानें लगी हुई है। जिसमें मां दुर्गा की भव्य मूर्तियों को सजाया गया है। ढाई फीट तक की मूर्तियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। लोगों ने अपने हिसाब से मूर्तियों की खरीदारी की। मिट्टी की मूर्तियों की भी खूब बिक्री हुई। मूर्ति विक्रेता गौतम लाल प्रजापति का कहना है कि उन्होंने कुछ मूर्तियां खुद बनाई है, जबकि डिमांड के हिसाब से कुछ मूर्तियां आगरा और लखनऊ से लाई गई है।
एक हजार रुपये तक की मूर्ति उपलब्ध
नवरात्र के लिए बाजार में एक हजार रुपये तक की मूर्ति उपलब्ध है। इसमें अलग-अलग तरह की मूर्तियां दुकानों पर सजाई गई है। दुकानदार का कहना है कि सौ रुपये से शुरू होकर एक हजार रुपये तक की मूर्तियां उपलब्ध हैं। जितनी बड़ी और सजावट वाली मूर्ति होगी, उतने ही दाम बढ़ जाते हैं।
माता के शृंगार से सजी दुकानें
रविवार से आरंभ होने वाले माता के नवरात्रों को लेकर कस्बे में माता के शृंगार की दर्जनों दुकानें सज गई हैं। दुकानों पर सांझी व माता की सुंदर सुंदर मूर्तियों सहित माता की लाल चुनरी, बिंदिया, नारियल व अन्य शृंगार और व्रत का सभी सामान सजा हुआ है। श्रीबालाजी धाम, शिव मंदिर, ठाकुरद्वारा मंदिर, कीर्तन भवन व सनातन धर्म शिव मंदिर आदि सभी मंदिरों में नवरात्रों को लेकर साफ सफाई आदि का कार्य शुरू कर मंदिरों को सजाना शुरू कर दिया गया है। श्रीबालाजी धाम के संस्थापक पंडित घनश्याम दास शर्मा ने बताया कि मंदिर प्रांगण में प्रतिदिन माता दुर्गा सप्तमी का पाठ व सवेरे और शाम को भजन कीर्तन कर माता का गुणगान किया जाएगा।
शारदीय नवरात्र सनातन संस्कृति का पर्व
मोरना। भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि शारदीय नवरात्र सनातन संस्कृति का साधना पर्व हैं। नवरात्र के व्रत और उपवास से आध्यात्मिक ऊर्जा तभी मिलती है, जब हम अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन कर उनका यथोचित सम्मान कर उनका चरण वंदन कर आशीर्वाद ले लेते हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना कर देवी प्रतिमा स्थापित की जाती है। प्रात: काल स्नान कर नवरात्रि व्रत का संकल्प लें। विधिवत गणेश पूजन कर भगवती का आह्वान करें। नौ दिन तक अखंड घी का दीपक जलाएं।