हाईकोर्ट की सख्ती के बाद धार्मिक स्थलों पर बिना अनुमति के लाउडस्पीकर नहीं बजाए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने अनुमति लेने के लिए संचालकों को 15 जनवरी तक का समय दिया। कड़ी सख्ती के बाद भी संचालकों ने अनुमति लेने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। जनपदभर में करीब 150 से अधिक धार्मिक स्थलों ने लाउडस्पीकर अनुमति ली है, जबकि संख्या हजार के पार है। इसको लेकर प्रशासन गोपनीय रूप से लाउडस्पीकर की जांच करा रहा है।
बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। जिसमें हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेशित कर धार्मिक स्थलों पर बिना अनुमति के लाउडस्पीकर बजाने पर पाबंदी लगा दी थी। प्रदेश सरकार ने साफ किया था कि 15 जनवरी तक अनुमति लेनी होगी।
इसको लेकर धार्मिक स्थलों के संचालकों और पदाधिकारियों ने आदेश पर गंभीरता नहीं दिखाई है। शहर भर में प्रमुख धार्मिक स्थलों को छोड़कर अन्य स्थानों से आवेदन तक नहीं पहुंचे हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकर की गूंज बंद हो गई है। जनपद भर में करीब 150 धार्मिक स्थलों ने अनुमति पत्र भरे हैं। बिना अनुमति वाले धार्मिक स्थलों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। जिले में हजार से अधिक धार्मिक स्थल हैं।
इन पर लाउडस्पीकर को लेकर गोपनीय रूप से जांच की जा रही है। हालांकि अधिकारियों ने जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजने की तैयारियां कर ली है। उधर, मामले में जमियत उलमा-ए-हिंद के जिला महा सचिव कारी मोहम्मद जाकिर हुसैन ने बताया कि उनका संगठन गांव-गांव घूमकर धार्मिक स्थल के लाउडस्पीकर की अनुमति लेने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसको लेकर आला अधिकारियों से भी मिला गया है। गांव-देहात में अनुमति पत्र भरने में समस्या बनी है, जिसे सुलझा कर जल्द अनुमति ली जाएगी।