मुजफ्फरनगर। कथा व्यास आचार्य धर्मेंद्र उपाध्याय महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं मानव जीवन के लिए प्रेरणादायक हैं। बाल कृष्ण सभी का मन मोह लिया करते थे।
नदी रोड स्थित श्री मदनानंद वानप्रस्थ आश्रम में कथा व्यास ने कहा कि भगवान कृष्ण अपनी सखाओं और ग्वालों के साथ गोवर्धन पर्वत पर गए थे। वहां पर गोपिकाएं 56 प्रकार का भोजन रखकर नाच गाने के साथ उत्सव मना रही थीं। कृष्ण के पूछने पर उन्होंने बताया कि आज के ही दिन देवों के स्वामी इंद्र का पूजन होता है। इसे इंद्रोज यज्ञ कहते हैं। भगवान कृष्ण ने कहा कि इंद्र में क्या शक्ति है, उनसे अधिक शक्तिशाली तो हमारा गोवर्धन पर्वत है। इसके कारण ही वर्षा होती है, इसलिए इंद्र से बलवान गोवर्धन की पूजा करनी चाहिए। बहुत विवाद के बाद श्री कृष्ण की यह बात मानी गई और ब्रज में गोवर्धन पूजा की तैयारियां शुरू हो गई।