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तन्हाई बैरक पलविंदर का नया ठिकाना    

Tue, 29 Nov 2016 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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पल‌विंदर को जेल में ले जाते पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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नाभा जेल ब्रेक के बाद शामली से पकड़े गए आतंकी के सहयोगी पलविंदर को कानूनी औपचारिकता के बाद पुलिस ने सोमवार शाम जेल अफसरों के हवाले कर दिया है। पलविंदर के पहुंचने से पहले ही जेल अधिकारियों ने उसके लिए तन्हाई बैरक तैयार कर रखी थी। जेल अधिकारी शातिर पर कड़ी नजर रख रहे हैं। पलविंदर के आने के बाद जेल की सुरक्षा का घेरा और कड़ा कर दिया गया है।       
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पंजाब की नाभा जेल से रविवार सुबह एक आतंकी सहित छह कैदी फरार हो गए थे। फरारी में सहयोग करने वाला आरोपी पलविंदर सिंह उर्फ पिंदा को रविवार रात कैराना पुलिस के जांबाज सिपाहियों ने हथियारों के साथ दबोच लिया। रात और सोमवार पूरे दिन आरोपी से एसएसपी से लेकर आईजी तक शामली में पूछताछ करते रहे। बाद में उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

सोमवार शाम शामली पुलिस परविंदर सिंह को लेकर मुजफ्फरनगर कारागार पहुंची। जेल अधिकारियों ने उसे तन्हाई बैरक में रखा है। हालांकि जेल की सात तन्हाई बैरकें पहले से ही फुल हैं, लेकिन अफसरों ने पलविंदर के लिए एक बैरक खाली कराई, जहां रात में उसे शिफ्ट कर दिया गया है। जेल अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। गेट पर सिक्योरिटी को सतर्क किया गया है, बिना पूछताछ के अंदर नहीं भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।       
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जिला कारागार की बढ़ाई गई सुरक्षा 
नाभा जेल से एक आतंकी समेत छह कैदियों के भागने की घटना के बाद शासन के आदेश पर जनपद कारागार में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। बाउंड्री वाल के पास गश्त बढ़ाने के साथ ही टावर सुरक्षा को सचेत कर दिया गया है। 24 घंटे में हर आधे घंटे के बाद गश्त की जा रही हैं। मिलाई पर आने वालों की कड़ाई से तलाशी लेने के साथ उनके बारे में जानकारी ली जा रही है। जेल गेट पर तैनात पीएसी को भी सतर्क कर दिया गया है। जेल अधीक्षक और जेलर स्वयं अतिरिक्त चौकसी बरत रहे हैं। 

पंजाब की नाभा जेल से एक आतंकी सहित छह कैदियों के फरार होने पर शासन ने प्रदेश की सभी जेलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। जेलों के बाहर और भीतर अतिरिक्त सुरक्षा बरतने के आदेश दिए गए हैं। सोमवार को जिला कारागार पर सख्ती नजर आई। जेल अधीक्षक राकेश सिंह के अनुसार कारागार की बाउंड्री वॉल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 24 घंटे में हर आधे घंटे के बाद बाउंड्री वाल के पास गश्त की जा रही है।

अधिकारियों का मानना है कि यदि बाउंड्री वॉल सुरक्षित हो तो जेल को पूरी तरह से सुरक्षित माना जाता है। टावर सुरक्षा को भी अलर्ट रखा गया है। मिलाई के लिए आने वाले लोगों की जांच की जा रही है, साथ ही कड़ाई से उनकी तलाशी ली जा रही है। खुराफाती बंदियों पर निगाह रखी जा रही है। जेलर राजेश सिंह खुद जेल के भीतर की सुरक्षा पर नजर रखे हुए हैं। जेल के गेट पर तैनात पीएसी को सतर्क कर दिया गया है। 

कम स्टाफ सुरक्षा के लिए अपर्याप्त
जेल के भीतर स्टाफ की कमी के चलते सुरक्षा को कायम रख पाना खासा मुश्किल है। जेल में करीब ढाई हजार बंदी हमेशा रहते हैं। रोजाना जितने बंदी रिहा किए जाते हैं, उतने ही गिरफ्तार होकर जेल पहुंच जाते हैं। 2500 बंदियों के लिए कारागार के भीतर 60 आरक्षी तैनात हैं।

इनमें से भी करीब एक दर्जन सिपाही बीमार बंदियों के साथ दूसरी जगहों दिल्ली और मेरठ आदि शहरों में जाते रहते हैं। आठ एचसीपी के अलावा दो डिप्टी जेलर, एक जेलर और जेल अधीक्षक सहित कुल 72 लोग हजारों बंदियों की सुरक्षा कर रहे हैं। ऐसे में यदि नाभा जैसी घटना जिले में होने लगे तो सुरक्षा का क्या हाल होगा उसका अंदाजा लगाया जा सकता है। 
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