पश्चिम में टिड्डियों की दस्तक, कृषि विभाग सतर्क
मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में टिड्डी दल की दस्तक के बाद कृषि विभाग सतर्क हो गया है। हालांकि टिड्डी दल अलीगढ़, बुलंदशहर के नजदीक से होता हुआ बदायूं की ओर निकल गया। विभागीय अधिकारी फिलहाल आश्वस्त है कि जिले में टिड्डियों का एकदम से कोई खतरा नहीं है, लेकिन किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। इसलिए कृषि और पंचायती राज विभाग ग्रामीण एवं किसानों को जागरूक करने में लगे हैं। कहा जा रहा है कि कहीं पर भी टिड्डियों का दल दिखे तो तुरंत सूचना दें।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी पवन कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि फिलहाल टिड्डियों के दल अलीगढ़ और बुलंदशहर की ओर देखे गए हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इनकी आमद चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि फिलहाल टिड्डी दल का रुख बदायूं की ओर हो गया है। हवा का रुख विपरीत होने के कारण टिड्डी दलों का मुजफ्फरनगर में आने का फिलहाल कोई खतरा नहीं है, लेकिन सतर्क रहने की जरूरत है। टिड्डी दल एक दिन में लंबी दूरी तय करते हैं। इसलिए खतरा बना हुआ है। जिले में टिड्डियों को लेकर पहले ही अलर्ट जारी किया जा चुका है। कृषि विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही पंचायती राज विभाग भी लोगों को टिड्डी दलों को लेकर सावधान कर रहा है। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी बना दिया गया है। सीडीओ आलोक यादव की अध्यक्षता में जिले में कमेटी गठित है।
टिड्डियों का हमला हो तो इस तरह करें बचाव
मुजफ्फरनगर। टिड्डियों को भगाने के लिए बर्तन एवं अन्य ध्वनि यंत्रों से शोर करें। खेतों के किनारे पर फॉगिंग या पुआल का धुआं करें। टिड्डी दल रात में खेतों में रुकते हैं। ऐसे खेतों को जोतकर कीटनाशक जैसे मैलाथियान, क्लारोपाइरीफॉस, डाईक्लोरोवॉस या ब्यूवेरिया बेसियाना का घोल बनाकर छिड़काव कारें।