जानसठ तहसील पर वीरान पड़ी सड़क।
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आखिर कब लौटेगी पटरी पर जिंदगी
जानसठ। जिला प्रशासन की ओर से लॉकडाउन में दुकानें खोलने की छूट देने के बावजूद भी जिंदगी पटरी पर नहीं लौटी है। सड़कें बिल्कुल सुनसान और तहसील और कचहरी भी वीरान पड़ी है।
कोरोना महामारी के कारण लागू लॉकडाउन को लेकर दो माह का समय बीत चुका है। दो माह बीतने के बाद शासन के आदेश पर जिला प्रशासन ने जनपद मुजफ्फरनगर में मार्केट में दुकानें खोलने की छूट दी है। इसके बावजूद भी बाजारों में रौनक नहीं है। सड़कें सुनसान पड़ी हैं और तहसील और कचहरी वीरान है। उधर, मजदूर रामसिंह, दीपचंद, शहजाद आलोक, हरि सिंह, महकार सिंह, दीपक, मुकेश, राहुल, संदीप आदि का कहना है कि जिस दिन से लॉकडाउन लगा है उस दिन से उनको रोजगार नहीं मिला है। कस्बा निवासी विनय शर्मा, आलोक, दीपचंद, महिपाल आदि का कहना है कि अगर रोजगार चल जाए तो बाजार में भी रौनक आ जाएगी। और फिर से जिंदगी पटरी पर लौट आएगी। वहीं, वकील मूलचंद सैनी, धन प्रकाश गंगानिय तथा दस्तावेज लेखक विनय शर्मा का कहना है कि अगर तहसील में सभी कार्यालय पूर्व की भांति खोल दिए जाएं तो रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी। तहसील और कचहरी में फिर से रौनक लौट आएगी। इनका कहना है कि इससे सरकार को राजस्व में वृद्धि होगी और रौनक फिर से लौट आएगी।