सड़कों पर बने धर्मस्थलों को सूचीबद्ध करना शुरू
मुजफ्फरनगर। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में सरकार के निर्देश मिलते ही जिला प्रशासन ने सड़कों पर बने धार्मिक स्थलों की सूची बनानी शुरू कर दी है। इस संबंध में एडीएम प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को पत्र भेज कर दो दिनों में सूची मांगी है। जनपद से धर्मस्थलों की सूची शासन को भेजी जाएगी।
सरकार ने जनवरी 2011 के बाद सड़कों की जमीन पर बने धार्मिक स्थलों को हटाने के आदेश जारी किए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि 2011 से पहले के जो धार्मिक स्थल है, उन्हें निजी स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। सरकार का आदेश मिलते ही जिला प्रशासन ने ऐसे स्थलों की सूची बनाने शुरू कर दी है, जो सड़कों पर और सड़कों के किनारे बने है। जनपद में भी काफी संख्या में धार्मिक स्थल है, जो सड़कों के किनारे बने है। इनमें से कई तो कुछ वर्ष पहले ही बनाए गए है।
जिले में सबसे ज्यादा धार्मिक स्थल दिल्ली-दून नेशनल हाईवे के किनारे बने है। जीटी रोड पर भी धार्मिक स्थल बने है। खतौली में जीटी रोड पर गांव तिगाई के पास एक धार्मिक स्थल तो कोरोना काल में ही बना दिया गया। वैसे जिले में काफी संख्या में ऐसे भी धार्मिक स्थल है जो वर्षों से सड़कों के किनारे बने है। जनपद में तीन साल पहले संधावली रेलवे ओवरब्रिज के पास नेशनल हाईवे में आ रही एक मस्जिद को भी हटवाया गया था। तब ओवरब्रिज पूरा हुआ था।
एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि शासन के आदेश पर सभी तहसील, नगर निकाय, लोकनिर्माण विभाग, एनएचएआई के अधिकारियों को पत्र भेज कर अपने क्षेत्र में सड़कों पर बने धार्मिक स्थलों की सूची दो दिनों देने को कहा गया है। इसके बाद सूची शासन को भेजी जाएगी।
विभागों से रिपोर्ट मांगी
खतौली। क्षेत्र में सड़कों पर बने काफी धार्मिक स्थल है। जिनमें कुछ नए भी है, तो कुछ काफी पुराने बने हुए है। भंगेला से लेकर गंगनहर खतौली तक सड़क के किनारे करीब एक धार्मिक स्थल बने है। जिनमें कुछ दस वर्ष की अवधि के भीतर ही बनाए गए है। तहसीलदार पुष्करनाथ चौधरी का कहना है कि संबंधित विभागों से इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। सभी अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले मार्गों की रिपोर्ट बनाएंगे। उन्होंने भी राजस्व विभाग के अंतर्गत आने वाले मार्गों की जांच करानी शुरू कर दी है।