मुजफ्फरनगर। संत विजय कौशल महाराज ने श्रद्धालुओं से कहा कि कानों से श्रीराम की बात सुनिए और होंठो से श्रीराम की बात करिए। वैज्ञानिक सिद्धांत है कि जो कानों से सुना जाता है, वही मुख मार्ग से बाहर निकलता है। कानों से भगवान की कथा सुनेंगे तो दिनभर भगवान की बातें करेंगे।
नई मंडी स्थित रामलीला भवन में उन्होंने कहा कि कथा सुनने से भगवान के दर्शन की इच्छा पैदा होगी, दर्शन की चाह पैदा होगी। समय निकालकर कथा सुनिए। शुभ को बहाने बनाकर भी सुनना चाहिए। संत ने जीवन के सुख-दुख को ईश्वर पर छोड़ने, मन को ईश्वर भक्ति में लगाने और धर्म पर चलने पर जोर दिया। कथा का श्रवण करने से मनुष्य को आत्मशांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। कलयुग में कथा के श्रवण से ही कल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि जिन्हें भी भगवत दर्शन की लालसा है, उन्हें कथा सुननी चाहिए। श्रीलंका से निकाले जाने पर विभीषण भी कथा सुनकर ही श्रीराम तक पहुंचे थे। गंगा, गोदावरी और कावेरी नदी का उदाहरण देकर भी कथा श्रवण की महिमा बताई।
कथा संयोजक भीमसेन कंसल ने बताया कि कथा दोपहर तीन बजे से शुरू होगी। मुख्य यजमान फूलचंद कंसल, श्रीकृष्ण कंसल, अनिल कंसल रहे। राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, आयुष बोर्ड के पूर्व चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्र शर्मा, सुरेंद्र अग्रवाल, उद्यमी राकेश बिंदल, अरुण खंडेलवाल, गंगा प्रसाद, अनिल बिंदल, राकेश जैन मौजूद रहे।
कलश यात्रा में बिखरे श्रद्धा और भक्ति के रंग
श्रीराम कथा से पहले शहर में मंगल कलश यात्रा निकाली गई। कथा व्यास संत विजय कौशल महाराज के सानिध्य में कलश यात्रा श्रीराम विहार से निकली। यात्रा में पीले परिधानों में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर नगर परिक्रमा की। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, संयोजक उद्यमी भीमसेन कंसल समेत शहर के प्रमुख उद्यमी और व्यापारी शामिल हुए।
विजय कौशल महाराज का जिले से अनूठा नाता
मुजफ्फरनगर। छह मार्च 1983 को जीआईसी में हुए विराट हिंदू सम्मेलन में रामजन्म भूमि मुक्ति का प्रस्ताव पारित हुआ और आंदोलन की नींव पड़ी थी। विख्यात कथा वाचक विजय कौशल महाराज संघ के जिला प्रचारक के दायित्व पर थे। कथा की शुरुआत के समय भी संत ने पुराने दिनों की यादें साझा की। पूर्व चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद शर्मा और अरुण खंडेलवाल के परिवार के योगदान की चर्चा भी की। इसके बाद वह शुकतीर्थ में भी कई बार कथा सुनाने के लिए आए। संत ने शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव को भी याद किया।
शहर में श्रीराम कथा से पहले कलश यात्रा में शामिल कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, संयोज