मुजफ्फरनगर में बैंक के बाहर लगी भीड़।
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नोट बंदी के चलते शुक्रवार को भी रुपये लेने को बैंकों में मारामारी रही। नोट बदलने की लिमिट 2 हजार होने और अंगुली पर स्याही लगाने के फरमान से नोट चेंज करवाने वालों की भीड़ कम रही। एसबीआई और पीएनबी के अलावा अधिकांश शाखाओं पर कैश खत्म होने से घंटों लाइन में लगे ग्राहकों को निराश होना पड़ा। कुछ बैंकों के एटीएम चलने से जरूर राहत मिली। उधर, शादी के लिए केंद्र सरकार ने एक खाते से ढाई लाख लेने की सुविधा तो दी, लेकिन बैंक इसे पूरी नहीं कर सके। शादी का कार्ड लेकर पहुंचे नागरिकों को केवल 24 हजार ही थमाए गए, जिसको लेकर कई स्थानों पर हंगामा भी हुआ।
केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोट प्रतिबंधित किए जाने के दस दिन बाद भी नोट बदलने और पुराने नोट जमा करने की व्यवस्था अभी तक पटरी पर नहीं लौटी। नागरिकों की जिंदगी दस दिनों से बैंकों के बाहर लगी लाइन में कट रही है। शुक्रवार को नई व्यवस्था के तहत बैंकों में पुराने नोट बदलने और जमा कराने के लिए काम चला। एक आईडी पर दो हजार रुपये ही बदलने की व्यवस्था तो बैंकों ने तुरंत शुरू कर दी, लेकिन शादी के लिए ढाई लाख रुपये देने में अधिकांश बैंक तैयार नहीं हुए।
जिसको लेकर हंगामे होते रहे। भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं में भी ढाई लाख रुपये शादी के लिए लेने वालों को निर्धारित धनराशि थमा दी गई। जबकि बैंकों में नोट बदलने और लेनदेन करने के लिए 15 करोड़ रुपये से ज्यादा जारी किए गए थे। बैंकों के बाहर लाइन घटी जरूर, लेकिन सड़कों तक आलम कायम रहा। अधिकांश बैंकों में कैश खत्म होने से लोगों को मायूस लौटना पड़ा। लोगों को बैंकों से दो हजार रुपये बदलकर लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग डीएम दफ्तर पर शादी के कार्ड लेकर घूमते रहे। शहर में एसबीआई, यूनियन बैंक, पीएनबी के एटीएम चलने से जरूर राहत मिली। एटीएम से 2500 रूपये एक कार्ड पर निकलने की व्यवस्था रही।
शहर में रामपुरी गेट स्थित एसबीआई, रेलवे रोड की मुख्य एसबीआई, अंसारी रोड की एसबीआई, पीएनबी नई मंडी मुख्य शाखा, पीएनबी शिव चौक शाखा पर ग्राहकों की भारी भीड़ रही। इन बैंकों पर लाइन में लगने को लेकर हंगामे की स्थिति भी रही। दो दिन खूब रुपये बदलने वाले शहर के डाकघर शुक्रवार को कम कैश से जूझते रहे। इस कारण यहां से नागरिकों को निराशा हाथ लगी। दिव्यांगों के लिए बैंकों में अलग से व्यवस्था नजर नहीं आई।