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काली नदी से नासूर बनी कई गांवों की जिंदगी

Sat, 24 Mar 2018 12:30 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
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water - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रतनपुरी (मुजफ्फरनगर)। काली नदी से नासूर बनी दर्जनों गांवों में जिंदगी को खुशहाल बनाने की अमर उजाला और नीर फाउंडेशन की पहल रंग ला रही है। शुक्रवार को अमेरिका से आए वाटर कलेक्टिव संस्था के विशेषज्ञों ने गांवों में पहुंचकर दूषित जल से फैल रहीं बीमारियों, उनसे प्रभावित ग्रामीणों का हाल जाना। अमेरिकी मेहमानों ने नीर फाउंडेशन की टीम के साथ मिलकर घर-घर जाकर लोगों ने पूछताछ कर वाटर फिल्टर की जानकारी ली। फाउंडेशन प्रमुख रमन त्यागी के साथ विदेशी सदस्यों ने लोगों से वार्ता की और गांव घूमा।
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काली नदी ईस्ट और वेस्ट से करीब 30 किमी का क्षेत्र प्रभावित है। नदी के करीब तीन से पांच किमी की दूरी पर बसे गांवों के हालात अधिक खराब है। दर्जनभर गांव दूषित जल पीने का मजबूर है। इस कारण बीमारियों का प्रकोप बढ़ने के साथ ग्रामीण कैंसर जैसे रोग से घिरे हैं। गांवों का हाल जानने के लिए अमेरिका की एजेंसी वाटर कलेक्टिव के दो सदस्यों थॉमस शेबो और शेरॉन शेबो ने डबल, मोरकुक्का गांव के ग्रामीणों से घर-घर जाकर नीर फाउंडेशन द्वारा लगाए गए वाटर फिल्टर के विषय में विस्तार से जानकारी ली। अमेरिकी मेहमानों ने डबल गांव निवासी डॉ. विनोद कुमार एवं उनकी पत्नी सुनीता से उनके घर लगे वाटर फिल्टर के विषय में आवश्यक पूछताछ की।

विनोद कुमार ने बताया कि उन्हें काफी वर्षों से गले का कैंसर था, जिसकी वजह से वे अपनी आवाज भी गवां चुके है। 15 वर्ष पूर्व उन्होंने अपने गले के कैंसर से बचने के लिए ऑपरेशन का सहारा लिया था। दो साल पहले उनके गांव में नीर फाउंडेशन द्वारा वाटर फिल्टर प्रदान किए गए थे। जिसके बाद से गांव में प्रदूषित पेयजल की समस्या का निराकरण हुआ है। गांव में अन्य ग्रामीणों को त्वचा रोग, एलर्जी, पेट में इंफेक्शन रोग से घिरे हैं। जिन्हें वाटर फिल्टर लगने के बाद काफी सहूलियत हुई है। गांवों में टीम के सदस्यों को कई स्थानों पर फूल मालाओं के साथ स्वागत किया गया।
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ग्रामीणों से खर्च के बारे में पूछा
रतनपुरी। अमेरिका के मेहमानों ने गांव में सोनू से टीम ने वाटर फिल्टर के खर्च जानकारी ली। टीम ने श्रीपाल त्यागी, अशोक कुमार, नरेश कुमार, धनेश त्यागी, धन सिंह आदि दर्जनों ग्रामीणों के घर जाकर उनके यहां लगे वाटर फिल्टर को देखा है। टीम के सदस्यों को बताया कि अमर उजाला के सहयोग से अब डबल गांव के प्रत्येक परिवार को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

मोरकुक्का में 50 परिवार को फिल्टर बांटे
गांव मोरकुक्का में 50 परिवारों को वाटर फिल्टर वितरित किए। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराए जाने के लिए नीर फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे प्रयासों को देखा। नीर फाउंडेशन के रमनकांत त्यागी ने बताया कि उनकी संस्था ने दो साल कड़ी मेहनत कर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराया गया है। इससे ग्रामीणों में बीमारियों से राहत मिली है। इस दौरान नीर फाउंडेशन के अनुभव राठी, सौरभ, शुभम कौशिक, शिव कुमार आदि मौजूद रहे। फाउंडेशन के निर्देशक रमनकांत त्यागी ने बताया कि शनिवार को टीम हिंडन नदी किनारे बसे गांव अटाली व सरोरा तथा काली नदी पश्चिमी किनारे बसे पिठलोकर व मंडावली खादर में जाकर जल प्रदूषण की समस्या की जांच-पड़ताल करेगी।

अमर उजाला को दिया धन्यवाद
अमर उजाला ने 2016 में डबल गांव के ग्रामीणों के दर्द क ी दास्तां को खबर के माध्यम से प्रकाशित किया था। इसके बाद नीर फाउंडेशन के सहयोग से वाटर कलेक्टिव संस्था ने गांव को गोद लेकर यहां आरओ बांटे। ग्रामीणों सहित विदेशी सदस्यों ने अमर उजाला का शुक्रिया दिया।

फिल्म में शूट हुआ डबल के ग्रामीणों का दर्द
 यूएस की टीम ने डबल गांव में काली नदी के कारण हो रहे जल प्रदूषण, काला, जहरीला पानी पीने को मजबूर लोगों से बातचीत की। साथ ही फिल्म भी शूट की। वाटर कलेक्टिव संस्था मेरठ की नीर फाउंडेशन संस्था की मदद से डबल गांव पर डॉक्यूमेंट्री बना रही है। जिसे बाद में डब्लयूएचओ को भेजा जाएगा।
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