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किराए के मकान में ताउम्र सादगी से गुजारी जिंदगी

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विश्व प्रिय मजदूर पुत्र पूर्व विधायक स्व. शुगन चंद मजदूर - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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किराए के मकान में ताउम्र सादगी से गुजारी जिंदगी
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मुजफ्फरनगर। दो बार एमएलए बनें, पर पूरा जीवन किराए के मकान में गुजारने वाले शुगन चंद मजदूर की शख्सियत सादगी पसंद की रही। चुनाव प्रचार हो या लोगों से संवाद, हमेशा साइकिल उनकी साथी रही। उन्होंने कभी दुपहिया वाहन नहीं चलाया। बड़े से बड़ा प्रलोभन भी उनके ईमान को नहीं डिगा पाया। हमेशा दलबदल का विरोध और पार्टी से वफादारी उनकी खूबी रही।
स्वतंत्रता सेनानी और नेता जी सुभाष चंद बोस के साथी रहे पुरकाजी निवासी शुगन चंद मजदूर का प्रेरक व्यक्तित्व मिसाल है। फिरंगी हुकूमत के खिलाफ युवावस्था में उनके मन में ज्वाला धधकती थी। कांग्रेस पार्टी से 1962 में भोकरहेड़ी सुरक्षित विधान सभा क्षेत्र और 1967 में जानसठ से वह विधायक चुने गए। सादगी, सरलता और ईमानदारी हमेशा उनका आभूषण रहा।
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विधायक लाल बहादुर शास्त्री की सादगी से कायल रहे। पाकिस्तान हमले के बाद ताशकंद समझौते के लिए जाने से पूर्व 05 जून 1966 को उनकी मुलाकात लाल बहादुर शास्त्री से हुई थी। उसके चार दिन बाद शास्त्री का निधन हो गया था।
सिर पर मैला उठाने का उठाया था मुद्दा
ज्येष्ठ पुत्र विश्व प्रिय मजदूर बताते हैं पिता दूसरी बार एमएलए बनें, तो वाल्मीकि समाज की पीड़ा का सत्ता में रहने के बावजूद विधानसभा में उठाया था। कहा था अध्यक्ष जी, सफाई महिला कर्मचारी के सिर पर मैला का टोकरा भारत माता के सिर पर टोकरा है। यदि इसे हटाएंगे, तो भारत मां आपकी जय-जयकार करेगी।
प्रचार को पार्टी से मिली थी दो साइकिल
स्वर्गीय विधायक के बेटे रंकजय मजदूर ने बताया धोती और हॉफ बाजू का बनियान पिता की हमेशा पहचान रही। चुनाव प्रचार के लिए पार्टी से दो साइकिल मिली थी। हमेशा साइकिल और घूमकर प्रचार किया। गांव में साइकिल और शहर में पैदल घूमकर जनमानस की समस्या हल कराते थे। पूरी जिंदगी किराए के मकान में बिताई। यहां तक उन्होंने हमेशा सामुदायिक शौचालय का इस्तेमाल किया।
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जेल से लौटाया था छह लाख का ड्राफ्ट
बेटे विश्व प्रिय ने बताया इमरजेंसी लगने पर 26 जून 1970 को पिता जेल चले गए थे। इसी दौरान शहर में लाल बहादुर शास्त्री अनुसूचित जाति छात्रावास की स्थापना की गई। तब यूपी सेवक संघ की तरफ से छह लाख का ड्राफ्ट आया था। बेटा ड्राफ्ट लेकर जेल में पिता के पास गए, तो उन्होंने कहा तुरंत ड्राफ्ट वापस भेज दो। इस तरह रुपये वापस भेज दिए थे।

पूर्व विधायक स्वर्गीय शुगन चंद मजदूर (फ़ाइल फोटो)- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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