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आकाश में छाई धूल से जिंदगी बेहाल, भीषण गर्मी में सांस लेना हुआ दूभर 

Thu, 14 Jun 2018 12:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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धूल के बीच हाइवे से गुजरते वाहन। - फोटो : अमर उजाला
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आसमान में दिनभर धूल छाई रही। भीषण गर्मी में वायुमंडल में धूल ही धूल होने से सांस लेना भी दूभर हो गया। दिल्ली-देहरादून हाइवे पर दुपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा मुश्किलें आई। घरों और प्रतिष्ठानों में मिट्टी की धूल भर गई।  
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गर्मी में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा है। उमस के कारण आदमी पसीना-पसीना हो रहा है। ऐेसे में बुधवार को आसमान में धूल छा गई। सुबह से शाम तक छाई रही धूल से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के बाजारों और घरों में पहुंची मिट्टी की धूल से अव्यवस्था रही।

दुपहिया वाहन चालकों के लिए सांस लेना भी मुश्किल रहा। एनएच-58 पर भी धूल का प्रभाव रहा। वाहनों के आवागमन में दिक्कतें आई। सुरक्षा के लिए नागरिकों को चश्मे और चादरों से चेहरे ढकने पड़े।
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वायुमंडल में धूल की वजह से नागरिकों को बाजार और ऑफिस में कार्य के लिए जाने में दिक्कत हुई। गर्मी और लू के बीच धूल के प्रकोप से जन जीवन अस्त व्यस्त रहा। मेरठ रोड स्थित नुमाइश प्रदर्शनी क्षेत्र में भी धूल के कारण दुकानदार भी परेशान रहे। धूल के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में मुश्किलें आई।  

सबको रहा बारिश का इंतजार 
मुजफ्फरनगर। गर्मी बढ़ने और बिजली कटौती से परेशान नागरिकों को बारिश का इंतजार है। फिलहाल मानसून का कहीं दूर तक आभास नहीं है। आकाश में छाई धूल के लिए बारिश को जरुरी माना जा रहा है।  

बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है : राजवंशी 
मुजफ्फरनगर। नईमंडी के फिजिशियन डॉ सुशील राजवंशी का कहना है कि बुधवार को जिस तरह का मौसम रहा इसमें धूल से सांस लेने में समस्या आती है। खांसी के साथ नजला और जुकाम की समस्या बढ़ जाती है। तापमान 40 के आसपास रहने से धूल में बेहोशी जैसे हालात हो सकते हैं। इसलिए छायादार जगह में रहे। पानी अधिक पीएं। उल्टी, दस्त के साथ बुखार की संभावनाएं बढ़ जाती है।
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