इसी दौरान शमा परवीन ने लकड़ी का गुटका उठा कर उसकी मां साबरा के सिर पर कई प्रहार करके उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके आरोपी शमा परवीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, तभी से वह अपने छोटे बच्चे के साथ जेल में बंद है, उसकी जमानत नहीं हो सकी।
इस मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 में अपर सत्र न्यायाधीश मधु गुप्ता के समक्ष हुई। अभियोजन की ओर से एडीजीसी अनोद बालियान और अरुण जावला ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए शमा परवीन को अपनी सास साबरा की हत्या करने का दोषी करार दिया। साथ ही उसे हत्या करने पर आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।