मुजफ्फरनगर। सर्दी का पारा 1.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। नगर पालिका परिषद ने शहर में अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की है। बुधवार को शाम ढलते ही ठंड का कहर शुरू हो गया। सड़कों पर अलाव और रैन बसेरे के लिए भटकते लोग पुराने कपड़े और पॉलीथिन जलाकर सर्दी से बचाव के लिए जूझते रहे। उधर, वॉट्सअप ग्रुप पर पालिका चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने एक फोटो शेयर किया कि 'बीजिंग में हमारे स्वागत की शुरुआत ऐसे हुई'।
कश्मीर और शिमला में बर्फबारी के बाद मैदानी क्षेत्र में ठंड का ग्राफ अचानक बढ़ गया है। दिन में धूप निकली फिर भी तापमान बुधवार को 1.2 सेल्सियस रिकार्ड किया गया। पालिका प्रशासन के जिम्मे नगर क्षेत्र में अलाव और रैन बसेरों का इंतजाम करने का जिम्मा है। शहर की सड़कों का मुआयना किया तो कहीं अलाव जलते नहीं दिखे। शिवचौक, मीनाक्षी चौक, महावीर चौक, रेलवे स्टेशन, साईं धाम, अंसारी रोड, सरवट गेट, अहिल्या बाई चौक आदि में शाम ढलते ही गरीबों पर ठंड का कहर बरसने लगा।
गरीब आवाम ने सड़कों से पुराने कपड़े, पॉलीथिन और कागजों को जलाकर सर्दी से बचने की जुगत भिड़ाई। देर रात होते-होते कोहरा भी बढ़ने लगा। सर्दी में ठिठुरते लोग इधर-उधर सिर छिपाने के लिए भटकते दिखाई दिए। कड़ाके की सर्दी शुरू हुए एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन पालिका परिषद के चेयरमैन और निर्वाचित सभासद अपने दायित्वों को भुलाए बैठे हैं। इधर, सर्दी से बेहाल लोग और उधर 'अपना मुजफ्फरनगर' वॉट्सअप ग्रुप पर पालिकाध्यक्ष ने एक फोटो शेयर किया।
साथ ही लिखा कि 'बीजिंग में हमारे स्वागत की शुरुआत ऐसे हुई'। जैसे-जैसे चेयरमैन का फोटो शेयर हुआ, वैसे ही शहर में चर्चाएं शुरू हो गईं। मालूमात की गई तो पता चला कि चेयरमैन साहब पिछले एक हफ्ते से बीजिंग में हैं और 20 दिसंबर को मुजफ्फरनगर लौटेंगे। पालिका के ईओ अजीत कुमार से अलाव और रैन बसेरे के इंतजाम के बारे में जानकारी चाही तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। हालांकि सर्दी में अलाव की व्यवस्था संभालने वाले पालिका कर्मी तनवीर आलम ने बताया कि अभी उनके पास आदेश नहीं आए हैं, आदेश मिलते ही अलाव और रैन बसेरे लगा दिए जाएंगे।