- दोषी इटावा का रहने वाला, 30 दिसंबर 2020 को की थी वारदात
- दुष्कर्म का विरोध करने पर किशोरी का शॉल से घोंट दिया था गला
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। तीन साल पहले नई मंडी थाना क्षेत्र में किशोरी के साथ दुष्कर्म और विरोध करने पर हत्या के मामले में दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पॉक्सो कोर्ट संख्या दो के पीठासीन अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने फैसला सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक दीपक गौतम और विनय अरोरा ने बताया कि 30 दिसंबर 2020 को घर में घुसकर फैक्टरी कर्मचारी ने सहकर्मी की बेटी के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने शॉल से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पीड़ित पक्ष ने 31 दिसंबर को मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच के बाद इटावा के गांव बिरारी निवासी गाेविंद प्रजापति पुत्र बैजनाथ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में आठ गवाह पेश किए गए। न्यायालय में दोष सिद्ध होने पर दोषी गोविंद को धारा 302, 376ए और 5/6 पॉक्सो एक्ट में आजीवन कारावास और 18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
फैक्टरी चला गया था किशोरी का पिता
वारदात के दिन किशोरी दोपहर में एक बजे ट्यूशन गई थी। दो बजे उसका पिता फैक्टरी में ड्यूटी पर गया। शाम के समय पिता घर लौटा तो घर का मुख्य दरवाजा बंद था, जबकि बराबर का गेट खुला हुआ था। घर में दाखिल हुआ तो बेटी की फर्श पर लाश पड़ी थी। पुलिस ने जांच शुरू की तो सामने आया कि पिता के साथ काम करने वाला गोविंद घर से निकलता देखा गया था। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हुआ था।