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लाईबानूर हत्याकांड : मां-बाप समेत तीन दोषी करार

Sat, 25 Aug 2018 12:42 AM IST
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
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court - फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर। अदालत ने तीन वर्षीय मासूम बेटी की गला रेत कर हत्या करने वाले पिता सहित दो लोगों को मासूम की हत्या में दोषी करार दिया है। साथ ही बच्ची  की मां को भी षड्यंत्र रचने के जुर्म में दोषी करार देते हुए जेल भेजा है। सजा के लिए 28 अगस्त को सुना जाएगा।  अभियोजन पक्ष के अनुसार भोपा थाना क्षेत्र के गांव नंगला बुजुर्ग के शमीम      पुत्र फारूख की भाईयों से मकान के बंटवारे का विवाद चल रहा था। जिसमें उसने भाई को फंसाने के लिए षड्यंत्र रचा था।
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जिसमें उसकी बीवी खुशनसीब व उसका दोस्त जहीर अब्बास पुत्र मुजाहिद हसैन       निवासी रहकड़ा हाल निवासी मोरना शामिल रहा। घटना दो मई 2018 को रची गई। जिसमें शमीम ने थाना भोपा पर एक      तहरीर देकर बताया कि वह अपनी तीन वर्षीय बेटी लाईबानूर के साथ पीएनबी मोरना के एटीएम से पैसा निकालने के लिए गया था। उस समय वह अपनी बेटी को बाइक पर बैठा कर गया था। जब वह पैसा निकाल कर वापस आया तो उसकी बेटी बाइक पर     नहीं मिली। उसने अपने भाई नोमान पर अपहरण का शक जताया था। पुलिस ने शमीम के कपड़ों पर खून लगा देख कर जांच की, बैंक के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी। जिसमें बेटी नहीं दिखाई दी। तब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो शमीम ने अपना जुर्म कबूल लिया।

इसके बाद जहीर अब्बास को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो दोनों की निशानदेही पर घटना के दिन ही मोरना चीनी मिल के पास गांव युसूफपुर के जंगल से मासूम लाईबानूर की लाश और छुरी भी बरामद कर ली गयी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे डॉ अजय कुमार की अदालत संख्या-2 में हुई। एडीजीसी रीतू चौधरी और अंजुम खान ने कोर्ट में आठ गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त शमीम व जहीर अब्बास को धारा 302/201 में दोषी करार दिया और धारा 120 बी के तहत शमीम , जहीर अब्बास व शमीम की पत्नि खुशनसीब को भी दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। 28 को सुनवाई होगी।  
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वारदात के 115 वें दिन आया कोर्ट का निर्णय : यह मुकदमा जनपद का पहला मुकदमा है, जिसमें तीन माह में ही कोर्ट ने मासूम बेटी के हत्यारों को दोषी करार दिया। वारदात के 115 वें दिन ही अदालत का निर्णय आ गया। डीएम के आदेश पर इस केस की सुनवाई डे-टू-डे हुई है।
भाई के खिलाफ रेप का भी मुकदमा दर्ज कराया था : नंगला बुजुर्ग निवासी       शमीम का अपने भाईयों से मकान बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। बेटी की हत्या करने से पहले उसने भाई के खिलाफ भी उसकी पत्नी के साथ रेप करने का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसे भोपा पुलिस ने       झूठा पाए जाने पर खत्म कर दिया था।
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