मंडी से बाहर काम कर रहे व्यापारियों के लाइसेंस होंगे निरस्त
मुजफ्फरनगर। कृषि उत्पादन मंडी समिति (एपीएमसी) की लापरवाही से बाहर के व्यापारी लाइसेंस समाप्त नहीं होने से बैंकों से लेन-देन में मिलने वाली छूट का लाभ ले रहे हैं। कृषि उपज की खरीद पर मंडी से बाहर के व्यापारियों को कर मुक्त कर देने के बाद ये जुलाई से सरकार को राजस्व नहीं दे रहे हैं। कृषि उत्पादन मंडी समिति के प्रशासक सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह ने मंडी समिति सचिव को मंडी से बाहर के सभी लाइसेंस तत्काल निरस्त करने का आदेश दिया है।
नए कृषि कानून लागू होने से एपीएमसी का लाइसेंस रखने वाले मंडी से बाहर के करीब 800 व्यापारियों को राजस्व नहीं देना पड़ रहा है। जुलाई से कृषि उत्पादन मंडी समिति के शुल्क से इन सभी व्यापारियों को छूट मिल गई है। इन 800 व्यापारियों पर थोक, खुदरा, फुटकर तथा आटा चक्की आदि के लाइसेंस हैं। इनमें बड़ी संख्या में पुरकाजी, बसेड़ा, भोपा के गुड़ व्यापारी भी हैं। सरकार की घोषणा के बाद केवल मंडी समिति की परिधि में आने वाले व्यापारी ही टैक्स दे रहे हैं। सरकार का लाइसेंसधारकों को बैंकों से लेन-देन में मिलने वाले लाभ के हकदार भी ये ही हैं।
इसके बावजूद मंडी समिति के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते कृषि उपज की खरीद पर आठ सौ व्यापारियों में से अधिकतर एपीएमसी के लाइसेंस का लाभ ले रहे हैं। बैंकों के प्रबंधक भी पोर्टल पर लाइसेंस शो होने पर इन्हें कैश विड्रॉल में नकद भुगतान पर मिलने वाली छूट का लाभ दे रहे हैं। आम आदमी एक लाख से अधिक रुपये नकद निकालेगा तो उसे बैंक का दो प्रतिशत सरचार्ज देना होगा। लाइसेंस धारक एक करोड़ भी एक साथ निकालेगा तो उसे सरचार्ज नहीं देना होगा। उधर, मंडी समिति सचिव राकेश सिंह का कहना है कि सरकार के नुकसान के लिए बैंक अधिकारी जिम्मेदार हैं।
कृषि उत्पादन मंडी समिति के प्रशासक सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह का कहना है कि एलडीएम को सभी बैंकों को आदेश जारी करने के लिए लिख दिया है। वहीं, मंडी समिति सचिव को मंडी से बाहर के सभी लाइसेंस तत्काल निरस्त करने का आदेश दिया है।