जारी होने से पहले एक्सपायर हुए लाइसेंस
मुजफ्फरनगर। एआरटीओ कार्यालय में लाइसेंस अधिकारी की लापरवाही ने ड्राइविंग लाइसेंसधारकों को मुसीबत में डाल दिया है। लाइसेंस का नवीनीकरण जिस तारीख में हुआ है, एक्पायर होने से तारीख उससे पहली डाल दी गई। लाइसेंस धारक कार्यालय के चक्कर लगाते घूम रहे हैं। अब उन्हें फीस जमा करने के साथ ही पूरी प्रक्रिया का दोबारा पालन करना होगा।
लॉकडाउन के चलते मार्च, अप्रैल और मई माह में ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण का काम नहीं हुआ। जून से लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई तो बीते तीन महीनों में जिन लोगों के लाइसेंस एक्सपायर हो चुके थे, उनका नवीनीकरण का काम शुरू हुआ। अफसरों ने लाइसेंस धारकों के साथ यहां भी खेल कर दिया। लाइसेंस अधिकारी की लापरवाही के चलते लाइसेंस की एक्सपायर डेट उसके जारी करने की तिथि से पहले की डाल दी गई। मसलन धर्मपाल सिंह के नाम का लाइसेंस 26 जून 2020 को जारी हुआ लेकिन उसकी एक्सपायर डेट 15 अप्रैल 2020 डाल दी गई, जबकि यह पांच साल आगे के लिए वैध होना चाहिए था। इसी तरह विजय यादव का हैवी लाइसेंस 27 जून 2020 को जारी हुआ और उसकी एक्सपायर तिथि एक दिन पहले यानी 26 जून 2020 डाल दी गई। हैवी लाइसेंस तीन साल के लिए वैध होना था। विनोद कुमार का लाइसेंस 26 जून 2020 को जारी हुआ और चार जुलाई 2020 को एक्सपायर डेट डाल दी गई। मात्र आठ दिन के लिए ही उनके लाइसेंस का नवीनीकरण किया गया।
इस तरह के हैं सैकड़ों मामले
ड्राइविंग लाइसेंस की एक्सपायर तिथि में घालमेल में सैकड़ों मामले हैं। बताया गया कि 27, 28 और 29 जून को जिन लाइसेंसों का नवीनीकरण हुआ है, उनकी तारीख में गड़बड़ की गई है। एक दिन में करीब 100 लाइसेंस जारी होते हैं। चर्चा है कि एक प्राइवेट व्यक्ति द्वारा यह काम किया गया है। बिना जांच किए ही लाइसेंस की तिथि डालकर लखनऊ फारवर्ड कर दिए गए। वहां से डाक द्वारा आवेदकों तक लाइसेंस पहुंचे। एक्सपायर तिथि पूर्व की देख उनके होश उड़ गए। अब वे एआरटीओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
इन्होंने कहा...
27, 28 और 29 जून को जारी हुए लाइसेंस में यह गड़बड़ी हुई है। यह तकनीकी खामी है जो लखनऊ स्तर से हुई है। इस संबंध में पत्र लिख दिया गया है। इन्हें सही कराया जा रहा है।
- अनुराग वर्मा, लाइसेंस निरीक्षक, एआरटीओ कार्यालय।