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कैश लेस भुगतान का क्रेज बढ़ा, बाजारों की रोशन फिर से लौटी    

Sun, 04 Dec 2016 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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दुकान पर ऑनलाइन पेमेंट करती महिला। - फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी की मार से परेशान लोगों ने जेब में नगदी न होने पर कैश लेस भुगतान के जरिए इस परेशानी से निकलने की राह तलाश ली है। कैश लेस पेमेंट से जहां लोगों की परेशानी दूर हो रही है, वहीं बाजार भी फिर से गुलजार होते नजर आ रहे है। बीते कुछ दिनों से कैश लेस शॉपिंग का क्रेज बढ़ता जा रहा है। लोग डेबिट और एटीएम से बाजारों में जरूरी वस्तुओं की खरीदारी कर रहे है। ऐसे में दुकानदारों ने भी स्वाइप मशीन लगवाने की तैयारी शुरू कर दी है।  
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बीते तीन सप्ताह से नोट बंदी के चलते आमजन हाल बेहाल हो गया। घंटो बैंकों और एटीएम के बाहर लाइन में लगने के बाद भी उसे निराशा ही हाथ लगी। एटीएम से भी मात्र दो हजार रुपये निकाल पा रहे है। शादी वाले परिवारों को अपने बैंक में जमा ढाई लाख रुपये निकालने में भागीरथी प्रयास करने पड़ रहे है। ऐसे में जागरूक नागरिकों ने कैश लेस भुगतान के रुप में इस परेशानी से निकलने का रास्ता तलाश लिया है। शादी विवाह के इस सीजन में लोग अब बिना परेशानी के डेबिट कार्ड से कैश लेस शॉपिंग कर रहे हैं। दुकानदारों ने भी स्वाइप मशीनों के लिए बैंकों में अप्लाई करनी शुरू कर दी है।       

नई मंडी के बिंदल शो रूम के मालिक नवीन बिंदल कहते हैं कि नोटबंदी से कारोबार प्रभावित हुआ है। अब कैश लेस भुगतान से काफी राहत मिली है। स्वाइप मशीन पहले से थी, मगर अधिकांश ग्राहकों के कैश लेस शॉपिंग करने के कारण तीन स्वाइप मशीनों की व्यवस्था की गई है। पुराने जानसठ बस अड्डे पर शॉपिंग स्टोर कल्लू भाई के संचालक किशोर कुमार गोयल कहते हैं 500 और 1000 के नोट बंद होने से कारोबार ठंडा हो गया था।
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अब स्वाइप मशीन के जरिए डेबिट कार्ड से शॉपिंग होने से ग्राहकों और दुकानदारों दोनों को राहत मिल रही है। इससे कारोबार फिर से अच्छा हो रहा है। नई मंडी के जनरल स्टोर मालिक सुनील कुमार सिंघल और साड़ी शो रुप के मालिक अंकुश कुमार गर्ग ने भी कैश लेस भुगतान के लिए स्वैप मशीन की व्यवस्था कर रखी है। यहां खरीदारी करने आए विनय वर्मा और उनकी पत्नी कोमल का कहना था कि स्वाइप मशीन ने नोटबंदी की टेंशन खत्म कर दी है। रुड़की रोड और प्रकाश चौक पर इलेक्ट्रॅनिक्स का शो रूम चलाने वाले अनुराग सिंघल तथा संदीप सिंघल का कहना है कि नोट बंदी के चलते कैश लेस शॉपिंग दुकानदारों और ग्राहकों के लिए वरदान साबित हो रही है।      

स्वाइप मशीन के लिए आवेदन किया      
बाजार में कैश लेस शॉपिंग का क्रेज बढ़ने से दुकानदारों में भी स्वाइप मशीन लेने की होड़ लगी है। मिठाई से लेकर स्वर्णकार तक ने मशीन के लिए बैंक में आवेदन किया है। मदन स्वीट्स के मालिक सचित सिंघल, एलआर काम्पलेक्स के कपिल गर्ग, मूलचंद स्वीट्स के मालिक पीयूष अग्रवाल, तहसील मार्केट के दुकानदार हारुन अली, विरेंद्र संस के संजीव कुमार अग्रवाल, स्वर्णकार अनिल वर्मा ने बताया कि उन्होंने मशीन के लिए आवेदन कर दिया है।       

शादी के लिए शॉपिंग डेबिट कार्ड से की      
नोट बंदी की सबसे ज्यादा मार शादी वाले परिवारों पर पड़ रही है। ऐसे परिवारों ने भी कैश लेस भुगतान की ही राह चुनी। अग्रसेन विहार निवासी कृषि विभाग की कर्मचारी बबीता की बेटी स्वाति की रविवार शाम को शादी है। बतीता बताती है कि ढाई लाख रुपये निकालने के लिए सभी औपचारिकता पूरी की, मगर रुपये नहीं मिल सके। ऐसे में बेटियाें के मामा मनोज पंवार और विपिन कुमार आदि ने डेबिट कार्ड से कैश लेस शॉपिंग करके अधिकांश सामान की खरीदारी कर ली।      

पेटीएम का अभी क्रेज कम      
नोट बंदी के चलते अभी शहर में पेटीएम से भुगतान करने का क्रेज कम नजर आ रहा है। दुकानदार दिनकर प्रजापति, शुभम चौधरी, राकेश कुमार, राजेश जैन का कहना है कि अभी लोग इस ऐपस से भुगतान करने के प्रति जागरूक नहीं है। यदि पेटीएम से भुगतान होना शुरू हो जाए तो चाय तक की दुकान पर खुले नोट की कोई समस्या नहीं रहेगी।      

चेक बुक, डेबिट कार्ड, स्वाइप मशीन की डिमांड बढ़ी      
नोट बंदी की परेशानी से बचने के लिए कैश लेस भुगतान के लिए चेक बुक, डेबिट कार्ड और स्वैप मशीन की डिमांड बढ़ रही है। नैनीताल बैंक के प्रबंधक आरसी चमौली ने बताया कि चेक बुक, डेबिट कार्ड की काफी डिमांड बढ़ गई है। ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड को डेबिड कार्ड में चेंज किया जा रहा है। एचडीएफसी बैंक के मैनेजर नितिन सौरभ ने बताया कि करंट एकांउट पर ही स्वाइप मशीन जारी होती है। हमारे यहां बीते दस दिनों में करीब एक सौ स्वाइप मशीन के आवेदन दुकानदारों से आए है, जिन्हें मशीनें जारी की जा रही है।   
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