देर रात बेलड़ा-निरगाजनी गंगनहर पटरी पर कांवड़ियों की बाइक से तेंदुआ टकरा गया। कांवड़ियों ने किसी तरह भागकर कांवड़ सेवा शिविर में मामले की जानकारी दी। शिविर में अफरातफरी मच गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पटरी मार्ग को फिलहाल रोक दिया है। वन विभाग की टीम ने जाल बिछाकर तेंदुए की खोजबीन की, लेकिन देर रात तक तेंदुआ नहीं पकड़ा जा सका।
दि गंगा सहकारी चीनी मिल की ओर से बेलड़ा-निरगाजनी गंगनहर पटरी पर कांवड़ सेवा शिविर लगाया हुआ है। बुधवार देर रात करीब 10.30 बजे हरिद्वार से जल लेकर लौट रहे बाइक सवार कांवड़िये भागकर शिविर में पहुंचे। कांवड़िये ने बताया कि शिविर से 500 मीटर पहले मोड़ पर उनकी बाइक से तेंदुआ की टक्कर हो गई। किसी तरह बचकर वह शिविर में पहुंचे। शिविर संचालक सुभाष चौधरी, वाहिद, महिपाल सिंह, देवेंद्र सिंह ने मामले की जानकारी आला अधिकारियों को दी।
सूचना पर भोपा इंस्पेक्टर विजय सिंह, सीओ मोहम्मद रिजवान, एसडीएम जानसठ ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी, सेक्टर मजिस्ट्रेट अजय कुमार, वन रक्षक सतेंद्र कुमार भी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। गंगनहर पटरी मार्ग को रोक दिया। कांवड़ियों को अलर्ट कर दिया गया है। सूचना पर डीएफओ संजीव भी मौके पर पहुंच गए। वन विभाग की टीम बताए गए स्थान पर तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल बिछाया है, लेकिन वह टीम के कब्जे में नहीं आया। कांवड़ियों को निकालने के लिए लाइट का प्रबंध करते हुए पुलिस की गाड़ियां पटरी पर खड़ी की गई हैं।
साथ ही गांव वालों भी लाठी-डंडे लेकर पटरी पर पहरा देने के लिए बुलाया गया है। देर रात तक तेंदुआ वन विभाग की पकड़ में नहीं आ सका। मौके पर मौजूद डीएफओ संजीव ने बताया कि रात में ठंड होने पर वन्य जीव गंगनहर का आसपास आ जाते हैं। यह इलाका हस्तिनापुर वन्य अभ्यारण्य में आता है, जंगल में तेंदुओं की मौजूदगी है। सुबह होने पर तेंदुए की खोज में सर्च अभियान चलाया जाएगा।
गंगनहर पटरी से नहीं गुजरेंगी डाक कांवड़
बुधवार को कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में पहुंचते ही डाक कांवड़ लेने वाले शिव भक्त हरिद्वार के लिए लगातार कूच करते रहे, जो बृहस्पतिवार और शुक्रवार को लौटेंगे। प्रशासन ने गंगनहर पटरी मार्ग के अलावा खतौली और पुरकाजी के अंदर से डाक कांवड़ के गुजरने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है। मेरठ की ओर जाने वाली डाक कांवड़ को शहर के अंदर से नहीं गुजरने दिया जाएगा, केवल हरियाणा की ओर जाने वाली डाक कांवड़ शहर की ओर आकर शामली रोड से निकाली जाएंगी।
शुक्रवार को शिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। शिवरात्रि पर्व के एक दिन शेष रहने पर अब बाइक सवार शिवभक्त हरिद्वार के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। डीसीएम युक्त डाक कांवड़ को वाया बिजनौर निकाला गया, जबकि कार की डाक कांवड़ हाईवे से होकर वाया देवबंद से हरिद्वार की ओर जा रही हैं। डाक कांवड़ आने के लिए प्रशासन ने भी पुख्ता प्रबंध किए हैं। इस बार नेशनल हाईवे से ही डाक कांवड़ को गुजारा जाएगा।
मुजफ्फरनगर शहर, पुरकाजी और खतौली के अंदर से डाक कांवड़ को नहीं गुजारा जाएगा। तीनों मुख्य स्थानों से डाक कांवड़ बाईपास हाईवे से होकर गुजरेंगी। प्रशासन ने गंगनहर पटरी मार्ग पर भी डाक कांवड़ के आने-जाने पर प्रतिबंध लगाया है। नेशनल हाईवे पर हवा से बातें करती बाइकों और कारों की रफ्तार पर ब्रेक लगाने के लिए प्रशासन ने प्रत्येक 200 मीटर की दूरी पर अस्थाई स्पीड ब्रेकर बनवाए हैं, ताकि तेज गति के कारण होने वाले हादसों को रोका जा सके।