मुजफ्फरनगर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के चैप्टर चेयरमैन पवन गोयल ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में तेजी लाने और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए लीज होल्ड औद्योगिक भूमि को फ्री होल्ड में सशर्त बदलाव की जरूरत है। उद्योग संचालन में सरलता के लिए यह कदम उठाना चाहिए। लीज होल्ड भूमि का कानून ब्रिटिश शासन के दौरान लागू हुआ था।
आईआईए भवन में आयोजित उद्यमियों की बैठक में चेयरमैन ने कहा कि उद्यमी महासम्मेलन 2023 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष लीज होल्ड औद्योगिक भूमि को फ्री होल्ड किए जाने की मांग रखी थी। मुख्य कारण यह है कि यूपीसीडा या उद्योग निदेशालय की ओर से दी गई लीज होल्ड भूमि पर कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए उद्यमियों को अनुमति प्राप्त करने में इन विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। बदलाव से प्रशासनिक परेशानियां कम होने के साथ उद्यमियों के समय की बचत होगी, जिससे प्रदेश में औद्योगिक विकास तीव्र होगा। राजस्व में वृद्धि होगी। नए औद्योगिक निवेश के अवसर पैदा होंगे। नए रोजगार सृजित होंगे। हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तमिलनाडु ने लीज होल्ड भूमि को फ्री होल्ड में बदलने की पाॅलिसी लागू है। विपुल भटनागर, सुधीर गोयल, नीरज केडिया, अमित जैन, मनोज अरोरा, अनिल स्वरूप, अश्वनी खंडेलवाल और सुधीर गोयल मौजूद रहे।