देवबंद (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और प्रस्तावित एनआरसी के विरोध में महिलाओं के अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में भीम आर्मी के राष्ट्रीय महासचिव कमल वालिया की माता कांति वालिया सोमवार को महिला सदस्यों के साथ ईदगाह मैदान पहुंचीं और समर्थन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर लाया गया कानून बर्दाश्त नहीं है। इसके वापस न होने तक भीम आर्मी इंसाफ की लड़ाई लड़ती रहेगी।
केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए सीएए के विरोध में मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी के बैनर तले ईदगाह मैदान में चल रहे महिलाओं के धरना प्रदर्शन के आठवें दिन भीम आर्मी के राष्ट्रीय महासचिव कमल वालिया की माता कांति वालिया संगठन की महिला सदस्यों के साथ पहुंचीं। उन्होंने माइक पर पहुंचते ही जय भीम, जय भीम आर्मी, जय संविधान और भीम आर्मी जिंदाबाद के नारे के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन कानून धर्म के आधार पर लाया गया है। जो लोग जातिवादी व्यवस्था को लागू करना चाहते थे, वही लोग अब धर्म के नाम पर देश में नफरत का बीज बो रहे हैं। कांति वालिया ने कहा कि भीम आर्मी की महिलाएं कानून के वापस न होने तक धरना प्रदर्शन में शामिल होती रहेंगी, साथ ही कहा कि बाबा साहेब डा. भीमराव आंबेडकर के संविधान को अगर कोई मनमर्जी से बदलेगा तो उसे देश का कोई भी व्यक्ति बर्दाश्त नहीं करेगा। साहिबा, सबा, शबनूर ने कहा कि इतिहास गवाह है कि देश को आजादी दिलाने में हर धर्म के व्यक्ति ने कुर्बानी दी, लेकिन अफसोस की बात यह है कि आजादी के बाद भी धर्म के आधार पर बंटवारा किया जा रहा है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांति वालिया का आरोप : पुलिस प्रशासन ने धरने में आने से रोका
देवबंद। भीम आर्मी के राष्ट्रीय महासचिव कमल वालिया की माता कांति वालिया ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें धरना प्रदर्शन में आने से रोका गया। यही वजह रही कि उन्हें यहां पहुंचने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि हम संगठन के लोग हैं हम किसी से डरते नहीं हैं और न ही कोई गलत काम करते हैं। देवबंद में चल रहे धरना प्रदर्शन में भीम आर्मी का बच्चा बच्चा साथ खड़ा है।
शाम ढलते ही तिरंगों के साथ घरों से निकलने लगती हैं महिलाएं
देवबंद। महिलाओं के अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में शाम ढलते ही महिलाओं की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती हैं। 82 वर्षीय महबूब हसन कहते हैं कि समूह बनाकर ईदगाह मैदान में पहुंचने वाली महिलाओं के हाथों में तिरंगा और जुबां पर देशभक्ति नारे स्वतंत्रता आंदोलन की याद को ताजा करते हैं।
सीएए के विरोध में देवबंद के ईदगाह पार्क में धरना प्रदर्शन में उमड़ी महिलाएं- फोटो : DEVBAND