-280 हेक्टेयर भूमि किसानों से की जानी है अधिग्रहित
-नियोजन समिति आपत्तियों के निस्तारण के बाद तय होगा भूमि का मूल्य
विकास की बात
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। आवास विकास परिषद मेरठ की ओर से हाईवे के आसपास नई कॉलोनी के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। 280 हेक्टेयर भूमि किसानों से अधिग्रहित की जानी है, जिसका अनुमानित मूल्य 32 लाख रुपये बीघा तक पहुंच रहा है। हालांकि नियोजन समिति आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही भूमि का मूल्य तय करेगी।
आवासीय आवश्यकताओं को देखते हुए एमडीए की ओर से कराए गए सर्वे के अनुसार अगले पांच वर्ष में शहर की जनसंख्या 12 लाख होने का अनुमान है। उस आधार पर कम से कम 20 हजार से अधिक घरों की जरूरत पड़ेगी। इसको ध्यान में रखते हुए आवास विकास परिषद की ओर से भी शहर में नई आवासीय कॉलोनी का खाका खींचा जा रहा है।
गांव शेरनगर, धंधेड़ा और बिलासपुर में 280 हेक्टेयर भूमि अर्जित करने की योजना है। कॉलोनी स्थापना पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। कॉलोनी के लिए धारा-28 का पहला गजट नोटिफिकेशन जारी हो चुका है।
-सर्किल रेट के दो से चार गुना दिए जाते हैं भूमि के दाम
आवास विकास परिषद के अवर अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में किसानों को उनकी भूमि का दाम सर्किल रेट से दोगुना दिए जाने का प्रावधान है। बताया कि गांव शेरनगर की करीब 262 हेक्टेयर भूमि योजना के तहत ली जानी है। इसके लिए नियोजन समिति का गठन होना है, उसके बाद भूमि के दाम तय किए जाएंगे। बताया कि अनुमान के अनुसार शेरनगर क्षेत्र में एक बीघा भूमि के दाम 32 से 34 लाख रुपये दिए जा सकते हैं।