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बिना मुआवजा मिले नहीं होने देंगें भूमि अधिग्रहण

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रामपुर में किसानों की सभा को संबोधित करते भाकियू नेता। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुआवजा बिना नहीं होने देंगें भूमि अधिग्रहण
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मुजफ्फरनगर। भूमि अधिग्रहण को लेकर रामपुर तिराहे पर हुई ग्रामीणों की सभा में मुआवजा लिए बिना भूमि नहीं दिए जाने निर्णय लिया गया। किसानों ने कहा कि किसानों पर अत्याचार हो रहा है। अफसर किसानों के साथ न होकर कंपनी के ठेकेदारों के साथ नजर आ रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को रामपुर तिराहा पर करीब 15 गांवों की सभा बुलाई गई थी। सभा में पानीपत-खटीमा हाइवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर एवं एनएच-58 के भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर चर्चा की गई। किसानों ने आरोप लगाया कि सैदपुर खुर्द सहित कई गांवों में ठेकेदारों ने बिना फसल मुआवजे व किसान को बिना जानकारी दिए उनकी फसल पर बुलडोजर चलाकर नष्ट कर दिया। किसानों के एतराज करने पर कंपनी के ठेकेदार ने धमकी दी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के भूमि अधिग्रहण के मामले में किसानों ने कहा कि जब एक समान जिले का अधिकतम मुआवजा आर्बिटेशन में डीएम स्तर से तय नहीं होता, तब तक किसी भी सूरत में किसान अपनी भूमि नहीं देंगे। एनएच 58 के लिए जिनकी भूमि अधिग्रहीत हुई उन किसानों ने बताया कि छह महीने बीत जाने के बाद भी किसानों को बकाया मुआवजा नहीं मिला है। भाकियू मंडल महासचिव राजू अहलावत ने कहा कि किसी किसान की फसल पर जबरन बुलडोजर चलवाया तो नष्ट फसल को जिला जिला मुख्यालय पर भर दिया जाएगा। जल्द ही जिले पर महा पंचायत होगी। सभा में अंकित, बब्बल, मनोज सहरावत, ओमबीर, संदीप, मनोज, दुष्यंत, राजकुमार, साबिर, मुस्तफा, हिमांशु, प्रभात, सुधीर, सुशील, अमित, ब्रिजेश, महबूब सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
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ये रहीं प्रमुख मांगें
- प्रभावित किसानों को नौकरी या साढ़े पांच लाख रुपये दिए जाएं
- सड़क पर लगे खसरों को कॉमर्शियल रेट दिए जाए।
- जितनी भूमि का गजट है उतनी ही ली जाए।
- फसल व पेड़ों का मुआवजा दिया जाए।
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