मुजफ्फरनगर के घासीपुरा कांड में नेताओं और प्रशासन में समझौता वार्ता के दूसरे दिन एसएसपी दीपक कुमार ने शनिवार को मंसूरपुर के कोतवाल सहित आठ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। कार्रवाई को लेकर दिनभर नेताओं की मामले पर नजर बनी रही। पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई होने के बाद पंचायत भी टल गई है।
मंसूरपुर के घासीपुरा में 21 सितंबर की रात संदिग्ध परिस्थितियों में तीन युवकों के गोली लगे शव बस्ती से बाहर एक मकान की छत पर पड़े हुए मिले थे। युवक खुद मरे या किसी ने मारे, यह अभी तक रहस्य बना हुआ है। हालांकि लखनऊ से आई एफएसएल टीम ने भी बदमाशों द्वारा खुद ही गोली मारने की संभावना जताई। तीनों मृतकों के जाट बिरादरी के होने की वजह से भाकियू, रालोद और भाजपा नेताओं ने तीन अक्तूबर को मंसूरपुर में महापंचायत करने की घोषणा कर दी थी।
मामले की नजाकत को देखते हुए डीएम और एसएसपी ने सक्रियता दिखाई। कलक्ट्रेट भवन में वार्ता हुई, जिसमें कार्रवाई की शर्त पर महापंचायत को टाल दिया गया। हालांकि समझौते के बाद नेता दो फाड़ नजर आए।
कप्तान ने बताया कि शनिवार शाम मंसूरपुर थाने के आठ पुलिसकर्मियों को संस्पेड कर दिया गया है, जिनमें कोतवाल अमरेश कुमार बघेल, एसआई सतबीर सिंह अत्री, एसआई प्रहलाद सिंह, एसआई हरेंद्र सिंह, एसआई सूबे सिंह, एचसीपी अजयबीर सिंह, सिपाही सौरभ और विक्रांत के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। कप्तान ने बताया कि अमरेश कुमार का तबादला वाराणसी हो चुका है, इस कारण उनके खिलाफ वहीं कार्रवाई होगी।