मुजफ्फरनगर। किसान स्वाभिमान एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक बिरालसी गांव में हुई, जिसमें मोदी सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों को किसान हित में बताया गया।
शुक्रवार को बैठक में एसोसिएशन संरक्षक डा. योगेंद्र सिंह एवं किसान एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर अमरीश राणा ने कहा कि एमएसपी पर सरकार बार-बार कह रही है कि यह व्यवस्था बनी रहेगी। सरकार द्वारा लिखित कानून बनाया जाता है तो छोटे व्यापारी फसलों को एमएसपी पर नहीं खरीद पाएंगे व छोटे किसानों व मजदूरों की रोजमर्रा की दैनिक जरूरतों पर असर पड़ेगा। हरियाणा, पंजाब व अन्य प्रदेशों में कांट्रेक्ट फार्मिंग पहले से ही चली आ रही है, जो लिखित में नही थी। किसानों व कांट्रेक्टर में विवाद हो जाता था। विवाद की स्थिति पैदा न हो इसलिए कानून की आवश्यकता पड़ी। इन कानूनों के लागू होने के बाद आढ़ती किसान का शोषण नहीं कर पाएंगे। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर अमरीश राणा ने कहा कि आम किसान अपने खेतों में काम कर रहा है। वीरेंद्र वर्मा, रामकुमार, बबली राणा, श्यामबीर सिंह, अजय राणा, महकसिंह, रामबीर, सतीश कुमार, साहब सिंह आदि मौजूद रहे।
कृषि कानूनों के विरोध में निकाली बाइक रैली
चरथावल। भाकियू के नेतृत्व में किसानों ने कई गांवों में बाइक रैली निकालकर कृषि कानूनों का विरोध किया।
भाकियू युवा ब्लॉक अध्यक्ष संजय त्यागी के नेतृत्व में महाबलीपुर, कुल्हेड़ी, बिरालसी, न्यामू, अकबरगढ़, चौकड़ा, घिस्सुखेड़ा, कुटेसरा आदि गांवों में जागरूक रैली निकाली। बाइकों पर युवाओं ने कृषि कानूनों के बारे में बताया। बाद में चरथावल थाने पहुंचकर एक ज्ञापन एसएचओ को सौंपा। किसानों ने काले कानूनों की वापसी, यूरिया, डीजल और के दाम घटाने, गन्ने का दाम 450 रुपये क्विंटल, एमएसपी पर कानून बनाने, बिजली रेट कम करने और गन्ना आपूर्ति के 14 दिन बाद भुगतान पर ब्याज दिलाने की मांग की गई। मौके पर संजय त्यागी, महागलीपुर, कुलदीप त्यागी न्यामू, चंद्रपाल राणा, मोहन पुंडीर, प्रशांत, बिट्टू, संजू, महकार राणा आदि मौजूद रहे।