रिश्वत देने के लिए हाथ में पैसे लिए भाकियू जिलाध्यक्ष और किसान।
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खतौली। भाकियू कार्यकर्ताओं ने किसान से लेखपाल द्वारा रिश्वत मांगने के विरोध में तहसील में हंगामा कर दिया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने एसडीएम व तहसीलदार का घेराव करते हुए लेखपाल पर कार्रवाई करने की मांग की। एसडीएम ने लेखपालों की बैठक बुलाकर जांच करने के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर कार्यकर्ताओं को शांत किया।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में कार्यकर्ता और किसान एकत्र होकर तहसील में पहुंचे। जहां एसडीएम शीतल प्रसाद गुप्ता और तहसीलदार अमित कुमार को घेराव करते हुए हंगामा कर दिया। जिलाध्यक्ष का कहना था कि रेलवे विभाग ने जिन किसानों की भूमि अधिग्रहीत की थी। उस किसान को जो मुआवजा दिया जा रहा है। उसमें से दस प्रतिशत भूमि अध्यापित कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी काट रहे हैं।
इसके अलावा लेखपाल जो हिस्सा निकला कर फाइल तैयार करते हैं। वे लेखपाल प्रत्येक किसान से दस हजार रुपये की रिश्वत मांगते हैं। किसान द्वारा पैसे नहीं देने पर फाइल बनाने से इंकार कर देते हैं। आरोप था कि बेजगरजपुर के लेखपाल ने किसान तेजपाल से फाइल तैयार कराने के नाम पर दस हजार रुपये रिश्वत के मांगे। जिसको लेकर किसानों में भारी रोष व्याप्त है। कार्यकर्ताओं ने लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई कराने की मांग की।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि अगर रिश्वत ही लेनी है तो हम आपको देते हैं। जिलाध्यक्ष और एक किसान ने जेब से पैसे निकाले और एसडीएम व तहसीलदार को रिश्वत के रूप में पैसे देने लगे। जिस पर एसडीएम ने आश्वासन दिया कि 31 जनवरी को लेखपालों की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें जांच पड़ताल करने के बाद उस लेखपाल पर विभागीय कार्रवाई करेंगे। बैठक में प्रोजेक्ट मैनेजर को भी बुलवाया जाएगा। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसानों का इसी तरह से उत्पीड़न हुआ तो भाकियू 11 फरवरी के बाद तहसील में अनिश्चितकालीन धरना व प्रदर्शन करेगी।