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कवाल में कोरोना संक्रमित श्रमिकों के परिजनों को भी जांच होगी

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जानसठ के गांव कवाल का मुख्य द्वार। - फोटो : KHATAULI
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कवाल में कोरोना संक्रमित श्रमिकों के परिजनों की होगी जांच
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जानसठ (मुजफ्फरनगर)। कवाल गांव के तमिलनाडु-चेन्नई में मजदूरी करने वाले 5 प्रवासी श्रमिक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। कोरोना संक्रमित इन मजदूरों के परिवारों की भी प्रशासन की ओर से जांच कराई जाएगी। इसके अलावा गांव में इन प्रवासी मजदूरों के संपर्क में आए ग्रामीणों के बीच स्वास्थ्य जांच होगी।
बता दें कि गांव कवाल के रहने वाले 28 लोग चेन्नई में परिवार सहित रहकर मजदूरी करते हैं। 18 मई को कवाल गांव निवासी 28 प्रवासी मजदूर अपने परिवार सहित एक ट्रक से गांव कवाल आए। पुलिस ने उस वक्त प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद इन सभी को गांव में इनके घर पर भेज दिया था। 19 मई को ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन ने इन सभी प्रवासी मजदूरों को ककरौली के इंटर कॉलेज में क्वारंटीन कर दिया था। स्वास्थ्य विभाग में इन मजदूरों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे। रविवार को इन प्रवासी मजदूरों की रिपोर्ट आई, जिनमें से 5 मजदूर कोरोना पॉजिटिव निकले। परिजनों के अलावा इन श्रमिकों के संपर्क में आए ग्रामीणों को भी स्वास्थ्य की जांच कराने के दायरे में प्रशासन की ओर से रखा गया है। उधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ अशोक कुमार का कहना है कि गांव कवाल में प्रवासी श्रमिकों के परिजनों और उनके संपर्क में आए ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच के लिए टीम गठित की गई है।
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कवाल गांव पहले भी हो चुका है सील
गांव कवाल में 24 अप्रैल को गांव में स्थित एक मस्जिद में ठहरे दिल्ली के रहने वाले दो जमाती कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद प्रशासन ने 25 अप्रैल को गांव कवाल को हॉटस्पॉट घोषित करते हुए सील कर दिया था। गांव के सील होने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। उस वक्त भी जमातियों के संपर्क में आने वाले ग्रामीणों को बीआईटी मीरापुर में 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया था।
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