बच्चे के अपहरण के बाद मोहल्ले में लगी भीड़।
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मोहल्ला रामलीला टिल्ला से परिचित महिला की खातिर बहन के मासूम बेटे को अगवा करने वाले आरोपी सचिन ने पुलिस जांच को भटकाने के इरादे से संदिग्ध दंत मंजन विक्रेता के दो दिन से गली में घूमने की फर्जी कहानी रची। हालांकि, जांच में मंजन विक्रेता की चार दिन पूर्व ही मौत की पुष्टि होने के बाद आरोपी खुद ही पुलिस के चंगुल में फंस गया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामलीला टिल्ला निवासी बाबूराम के घर से उसकी विवाहित बेटी ममता के आठ माह के मासूम बच्चे अवि को चोरी कर परिचित महिला की गोद में डालने का आरोपी सचिन खुद ही अपने बुने जाल में फंस गया। दरअसल, पुलिस जांच को भटकाने के इरादे से आरोपी सचिन ने ही पुलिस के समक्ष दो दिन से दंत मंजन विक्रेता के गली में घूमने की कहानी बुनी। उसे लगा कि पुलिस दंत मंजन विक्रेता की तलाश करती रहेगी, लेकिन वह नहीं मिलेगा और पुलिस कुछ दिन बाद चुप बैठ जाएगी।
हालांकि अपने बुनी इस कहानी में ही आरोपी सचिन तब फंस गया, जब उसने पुलिस द्वारा दिखाई गई दंत मंजन विक्रेताओं की बुकलेट में से एक फोटो को पहचान लेने का दावा किया। एसपी सिटी सतपाल आंतिल ने बताया कि परिजनों द्वारा दंत मंजन विक्रेता की पहचान कर लेने के बाद उसका पता किया तो विक्रेता लोनी का रहने वाला पाया गया। इस पर एक टीम को लोनी रवाना किया गया, जहां मंजन विक्रेता की विगत 11 जून को ही मौत हो चुकी होने का पता चला। मंजन विक्रेता की मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने उसे पहचान लेने का दावा करने वाले सचिन पर शिकंजा कस दिया और गुपचुप तरीके से उसे वॉच कर मामले का चौंका देने वाला खुलासा कर दिया।