खुब्बापुर प्रकरण : सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति पुलिस ऑफिस पहुंची
संवाद न्यूज एजेंसी
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। छात्र की पिटाई करवाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति पुलिस ऑफिस पहुंच गई है। उधर, माकपा नेता पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने अपने प्रतिनिधि को गांव भेजकर मोबाइल पर पीडि़त छात्र के पिता से बातचीत की। बच्चे के प्रवेश के विषय में जानकारी ली।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई हुई। उधर, सुभाषिनी अली ने पीडि़त परिवार से बात की और मदद का भरोसा दिलाया है। प्रकरण की गूंज लखनऊ और दिल्ली तक हुई थी। मानवाधिकार आयोग और अल्पसंख्यक आयोग जांच कर रहा है। पुलिस ने आरोपी शिक्षिका तृप्ता त्यागी के खिलाफ एनसीआर दर्ज की थी, जिसे अब एफआईआर में बदल दिया गया था। किशोर न्याय अधिनियम की धारा बढ़ाकर जांच की जा रही है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ आईपीएस से जांच कराने के आदेश दिए थे। एसएसपी संजीव सुमन ने बताया कि आदेश की प्रति मिल गई है।
यह था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीडि़त छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया। वीडियो के वायरल होते ही देशभर से प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर अब एफआईआर दर्ज हो गई है। खुब्बापुर गांव के पीडि़त छात्र का अभी तक किसी स्कूल में प्रवेश नहीं हो सका है। जमीयत उलमा ने छात्र के घर पर शिक्षक भेजकर पढ़ाई शुरू करा दी है। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षक रोजाना घर पर पहुंचकर छात्र को पढ़ाने का कार्य करेगा।