बुधवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने छात्र को कॉपी-किताबें और ट्रैक सूट दिलाया। इसके अलावा नवंबर माह का तय धनराशि के हिसाब से परिवहन खर्च भी दिया। बीएसए शुभम शुक्ला ने बताया कि नवंबर माह में छात्र आठ दिन स्कूल गया था। इसके हिसाब से छात्र के पिता इरशाद को 1600 रुपये नकद दे दिए गए हैं। उन्हें छात्र का संयुक्त बैंक खाता खुलवाए जाने की बात कही गई है। दिसंबर माह का परिवहन खर्च उनके खाते में डलवा दिया जाएगा।
शारदेन स्कूल को दी पूरे साल की फीस
खुब्बापुर गांव के पीड़ित छात्र की फीस शारदेन स्कूल में जमा करा दी गई है। बीएसए शुभम शुक्ला ने बताया कि भले ही सत्र के बीच में छात्र का प्रवेश हुआ हो, लेकिन विद्यालयों में पूरे साल की फीस जमा कराई गई है। करीब 59 हजार रुपये छात्र की पूरे साल की फीस जमा हुई है। एक माह की फीस 4500 रुपये है।
यह था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया था। वीडियो के वायरल होते ही प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार करने की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर अब एफआईआर दर्ज हो गई है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसकी अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी।
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