कलिंग उत्कल एक्सप्रेस हादसे को लेकर जीआरपी में दर्ज कराए गए मुकदमे की तफ्तीश शुरू हो गई है। जांच अधिकारी गाजियाबाद जीआरपी के सीओ रणधीर सिंह टीम के साथ घटनास्थल पर जांच-पड़ताल करने पहुंचे। सीओ ने घटनास्थल के आसपास मौजूद परिवारों से पूछताछ कर उनके बयान कलमबंद किए। सीओ ने बताया कि जांच-पड़ताल में प्रथमदृष्टया हादसे के लिए क्रैक ट्रैक को ठीक करने वाले कर्मचारी हैं।
ट्रेन हादसे के बाद रविवार को खतौली जीआरपी चौकी प्रभारी अजय कुमार की ओर से जीआरपी मुजफ्फरनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ धारा 337, 287, 338, 423, 304ए और 151-157 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की जांच गाजियाबाद के जीआरपी सीओ रणधीर सिंह को सौंपी गई थी। मंगलवार को सीओ टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। सीओ ने टीम के साथ जिस जगह पर ट्रेन हादसा हुआ, उसके सामने जगत कालोनी के परिवारों से घटना के संबंध में पूछताछ की।
सीओ ने कालोनी के जिस मकान में ट्रेन का कोच घुसा, उसके मालिक चौधरी जगत सिंह से भी घटना के बारे में जानकारी ली। सीओ ने लोगों और आसपास के दुकानदारों के कलमबंद बयान दर्ज किए। सीओ ने बताया कि प्रथमदृष्टया जांच में पाया गया है कि हादसे के जिम्मेदार घटना वाले दिन रेलवे ट्रैक को ठीक करने वाले कर्मचारी हैं। सीओ ने बताया कि जांच-पड़ताल में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब भी कई यात्री लापता, तलाश में ग्वालियर से पहुंचे परिजन
उत्कल एक्सप्रेस हादसे में घायलों, मृतकों की संख्या जुटाने के बाद लापता लोगों को तलाशने का अभियान जारी किया गया है। दुर्घटना वाले दिन जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों पर आई कॉल के आधार पर अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड उत्कल एक्सप्रेस में हरिद्वार, रुड़की आदि क्षेत्रों में आने वाले यात्रियों का डाटा एकत्र कर रहा है। इसके लिए कई राज्यों के स्टेशनों से संपर्क साधा गया है।
शुक्रवार को पुरी से हरिद्वार के लिए चली कलिंग उत्कल एक्सप्रेस शनिवार को अपने अंतिम स्टॉप तक नहीं पहुंच सकी। खतौली में डिरेलमेंट होने बाद उत्कल के 12 डिब्बे पटरी से उतरकर बिखर गए। इस भयानक हादसे में प्रशासन ने 23 लोगों की मौत और 98 यात्रियों को घायल बताया है। यह ट्रेन हरिद्वार तक पहुंचने से पहले कई राज्यों से होकर गुजरती है। शनिवार को इस ट्रेन में भीड़ इसलिए अधिक थी कि अधिकांश यात्रियों की टोलियां राजस्थान, ग्वालियर, पुरी समेत, दिल्ली से हरिद्वार में सोमती अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए जा रहे थे। खतौली में हादसे का शिकार हुई उत्कल एक्सप्रेस से कई यात्रियों के लापता होने की मेरठ, दिल्ली तक रेलवे के हेल्पलाइन पर अनेक स्थानों से सूचनाएं मांगी गई है।
लापता लोगों को लेकर रेलवे अलर्ट हो गया है। अब उन यात्रियों का डाटा एकत्र किया जा रहा है, जो हरिद्वार, रुड़की, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर आदि क्षेत्रों के लिए चले थे। दिल्ली, पुरी, ग्वालियर समेत उत्कल एक्सप्रेस के रूट पर पड़ने वाले बड़े स्टेशनों और जंक्शनों से यात्रियों की डिटेल जुटाई जा रही है, ताकि गायब लोगों को तलाशा जा सके। जीआरपी एसओ किशन अवतार ने बताया कि हेल्पलाइन नंबरों को कई राज्यों में भेजे गए थे, जिन पर कॉल आई होगी, हालांकि अभी उसकी डिटेल नहीं है। क्योंकि जीआरपी थाने पर कोई पूछताछ के लिए नहीं आया है। उनके पास 125 घायलों की सूची है। यदि हादसे में कोई लापता की जानकारी आती है तो उसकी गंभीरता से खोजबीन की जाएगी।
आसपास के अस्पताल भी खंगाले
मुजफ्फरनगर। कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस हादसे के बाद घायलों को उपचार के लिए एनडीआरएफ, पुलिस फोर्स के साथ आम लोग राहत कार्य में जुटे थे। ऐसे में हो सकता है कि लापता लोगों को भी आसपास के अस्पतालों में उपचार दिलाया गया है. जो प्रशासन की नजर में नहीं आ सके हैं। इसको लेकर भी जीआरपी ने जिले समेत आसपास के अस्पतालों में भी मरीजों की डिटेल जुटा रही है।